अमेरिकी लड़ाकू विमानों के मार गिराते ही ईरान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के दावों की पोल खोल कर रख दी है। युद्ध शुरू होने के पाँच दिन के अंदर 4 मार्च को ही राष्ट्रपति ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने घोषणा कर दी थी कि ईरान के हवाई क्षेत्र और जलमार्गों पर नियंत्रण हो गया है। लेकिन ईरान ने दोनों क्षेत्रों में ट्रंप और हेगसेथ को झूठा साबित कर दिया है। होर्मुज स्ट्रेट बंद है और अमेरिका अपनी सारी कोशिशों के बाद भी इसे खुलवाने की स्थिति में नहीं है। और इसके साथ ही शुक्रवार को ईरान ने अमेरिकी लड़ाकू विमानों को गिराकर यह साबित कर दिया कि उसका हवाई क्षेत्र पूरी तरह उसके अपने नियंत्रण में है। इससे पिछले एक महीने से ट्रंप और हेगसेथ द्वारा किए जा रहे दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप को पहले से ही युद्ध को लेकर विरोध झेलना पड़ रहा है और अब इसके जेट गिरने की ख़बर से स्थिति और मुश्किल हो गई है। जेट गिरने की रिपोर्टों ने युद्ध को लेकर चल रही पूरी धारणा को ही बदल कर रख दिया है। शुक्रवार को एक एफ़-15ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान ईरान के ऊपर मार गिराया गया। इसमें दो क्रू मेंबर थे। कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एक क्रू सदस्य को बचा लिया गया है और उसे मेडिकल इलाज दिया जा रहा है। दूसरे क्रू सदस्य की स्थिति अभी पता नहीं है।
उसी दिन यानी शुक्रवार को दूसरा अमेरिकी कॉम्बैट एयरक्राफ्ट भी ईरानी हमले की चपेट में आया। पायलट ने विमान को ईरानी क्षेत्र से बाहर निकालने के बाद इजेक्ट कर अपनी जान बचाई और बाद में उसे रेस्क्यू कर लिया गया।
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अमेरिकी लड़ाकू विमान मार गिराने की ये दोनों घटनाएँ एक साथ हुई हैं और युद्ध के पांच हफ्तों में अमेरिकी हवाई अभियानों के लिए सबसे बड़ा झटका हैं। ऐसा इसलिए भी क्योंकि ट्रंप और हेगसेथ लगातार इसको लेकर बिल्कुल उलट दावे करते रहे थे।

ट्रंप और हेगसेथ के दावे क्या थे?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पिछले एक महीने से बार-बार कह रहे थे कि अमेरिका और इसराइल के पास ईरान के आसमान पर पूरी तरह कब्जा है।
  • 4 मार्च को रक्षा मंत्री हेगसेथ ने कहा था, 'कुछ दिनों में दुनिया की दो सबसे ताक़तवर एयर फोर्स ईरान के आसमान पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेंगी। यह बिना किसी चुनौती वाला आसमान होगा। ईरान कुछ नहीं कर सकेगा।'
  • 24 मार्च को ट्रंप ने कहा, 'हमारे विमान तेहरान और ईरान के दूसरे इलाकों के ऊपर उड़ रहे हैं। वे कुछ नहीं कर सकते।'
  • ट्रंप ने कई बार दावा किया कि 'ईरान के पास नौसेना नहीं है, सेना नहीं है, एयर फोर्स नहीं है, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम नहीं है।' 

ट्रंप ने कहा कि 'अमेरिका ईरान के तेल प्लांट पर हमला कर सकता है और ईरान कुछ नहीं कर पाएगा। हमारी सेना रुक नहीं सकती।' अब दो विमानों के गिरने से ये दावे सीधे झूठे साबित हो गए हैं।

ईरान के पास हथियारों का बड़ा जखीरा

जानकार कहते हैं कि भले ही ईरान सैन्य रूप से अमेरिका के बराबर न हो, लेकिन ऐसे युद्ध में छोटे-छोटे हमले भी बहुत नुक़सान पहुँचा सकते हैं। ईरान के पास अभी भी मोबाइल मिसाइल सिस्टम और जमीन से फायरिंग करने की क्षमता बाक़ी है। अमेरिका के पास हजारों विमान हैं, इसलिए दो विमान गिरना छोटी बात लग सकती है, लेकिन इससे हवाई श्रेष्ठता के दावों को बड़ा धक्का लगा है।
अमेरिकी इंटेलिजेंस की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पाँच हफ़्तों के युद्ध के बाद भी ईरान के पास काफी हथियार और ड्रोन बचे हुए हैं। सीएनएन और रायटर्स ने रिपोर्ट दी है कि लगभग आधे 50% हथियार अभी भी सक्रिय हैं। कुछ लॉन्चर्स भूमिगत सुरंगों में दब गए हैं, लेकिन पूरी तरह तबाह नहीं हुए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हजारों ड्रोन अभी भी ईरान के पास बचे हैं। यह ईरान की कुल ड्रोन क्षमता का लगभग 50% माना जा रहा है।
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बढ़ाचढ़ाकर पेश किए अन्य दावे

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप और उनके सहयोगियों ने सैन्य सफलता को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया हो। पिछले साल जून में ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर हमले के बाद ट्रंप ने कहा था कि ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम पूरी तरह तबाह हो गया है। लेकिन अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में ऐसा नहीं था। नौ महीने बाद फिर ईरान को न्यूक्लियर ख़तरा बताया जा रहा है।
युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद एक ईरानी स्कूल पर हमले में क़रीब 170 बच्चे और स्कूल स्टाफ़ मारे गए। ईरान ने इसे युद्ध अपराध कहा और अमेरिका पर आरोप लगाया। लेकिन ट्रंप ने तो आरोप उल्टे ईरान पर ही मढ़ दिया था, लेकिन बाद में पता चला कि संभवतः अमेरिकी हमला था। अमेरिका की शुरुआती जाँच में ही यह बात सामने आ गई है।

अमेरिकी जनता क्यों नाराज़ है?

  • युद्ध की वजह साफ़ नहीं बताई गई। उद्देश्य बार-बार बदल रहे हैं।
  • स्ट्रेट ऑफ हरमुज बंद होने से तेल की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है।
  • लोग सोच रहे हैं कि यह युद्ध इतने खर्च और जोखिम के लायक है या नहीं।
  • अब तक अमेरिकी पक्ष में मौतें कम हुई हैं, लेकिन जेट गिरने और पायलट लापता होने की खबर से चिंता बढ़ गई है।
रक्षा मंत्री हेगसेथ ने मीडिया पर आरोप लगाया था कि वे युद्ध की सफलताओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने कहा था, 'हमने बिना जमीन पर सैनिक भेजे ईरान के आसमान और पानी पर कंट्रोल कर लिया है।' लेकिन एक महीने बाद भी होर्मुज स्ट्रेट बंद है और आसमान पर उतना कंट्रोल नहीं दिख रहा जितना बताया गया था।
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क्या होगा आगे?

दो जेट गिरने की घटना युद्ध को और ख़तरनाक मोड़ दे रही है। ईरान अब अमेरिकी पायलट की तलाश में जुटा हुआ है। पाकिस्तान के नेतृत्व वाली सीजफायर बातचीत भी फंस गई है। ट्रंप प्रशासन अब इन घटनाओं को युद्ध का हिस्सा बताकर कम महत्व देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन घरेलू स्तर पर दबाव बढ़ता जा रहा है। हालात बेहद संवेदनशील है।