वेनेजुएला पर ताज़ा अपडेट

  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार को कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी एक अमेरिकी युद्धपोत पर सवार हैं और न्यूयॉर्क में उन पर मुकदमा चलाया जाएगा।

  • वेनेजुएला की सत्तारूढ़ पार्टी के नेता नाहूम फर्नांडीज ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी फोर्ट टियूना सैन्य परिसर में स्थित अपने घर पर थे, जब उन्हें अगवा किया गया। उन्होंने कहा, "वहीं पर बमबारी की गई थी। और वहीं पर उन्होंने राष्ट्रपति और देश की प्रथम महिला का अपहरण कर लिया।"

  • वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने कहा- आज़ादी का समय आ गया है! आज से निकोलस मादुरो वेनेजुएलावासियों और कई अन्य देशों के नागरिकों के विरुद्ध किए गए जघन्य अपराधों के लिए अंतरराष्ट्रीय न्याय के दायरे में हैं। बातचीत के ज़रिए सत्ता हस्तांतरण से इनकार करने के कारण, संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार ने कानून लागू करने का अपना वादा पूरा किया है।

  • इसराइल ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान की सराहना की और कहा कि वाशिंगटन ने "स्वतंत्र दुनिया के नेता" के रूप में कार्य किया है। इसराइली विदेश मंत्री गिदोन ने एक्स पर लिखा- "इसराइल स्वतंत्रता-प्रेमी वेनेजुएलावासियों के साथ खड़ा है, जिन्होंने मादुरो के अवैध अत्याचार को सहा है। इसराइल ड्रग्स और आतंकवाद के नेटवर्क का नेतृत्व करने वाले तानाशाह को हटाने का स्वागत करता है और देश में लोकतंत्र की वापसी और दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों की आशा करता है।"

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार सुबह घोषणा की कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर देश से बाहर ले जाया गया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह ऑपरेशन सफल रहा और मादुरो को अमेरिका में आपराधिक मुकदमे के लिए लाया जा रहा है। हमले में काराकास सहित कई इलाकों में विस्फोट हुए, जिनमें सैन्य ठिकाने जैसे फुएरते तिउना और ला कार्लोटा एयरबेस शामिल हैं। अमेरिका ने इसे नार्को-टेररिज्म के खिलाफ कार्रवाई बताया, जबकि वेनेजुएला ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया। वेनेजुएला के रक्षा मंत्री ने सरेंडर करने से इंकार कर दिया।

ट्रंप की मंशा सामने आई- यूएस तेल कंपनियां संभालेंगी काम

फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला को अमेरिका संचालित करेगा। अमेरिकी ऊर्जा कंपनियां वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा, "हमारे पास दुनिया की सबसे बड़ी और बेहतरीन तेल कंपनियां हैं, और हम इसमें पूरी तरह से शामिल होंगे।" उन्होंने इस ऑपरेशन के बाद दक्षिण अमेरिकी तेल उत्पादक देश के साथ अमेरिकी जुड़ाव में एक बड़े बदलाव का संकेत दिया। ट्रंप के दावों का समर्थन करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा कि प्रशासन ने मादुरो को बार-बार चेतावनी दी थी और कई विकल्प भी पेश किए थे, लेकिन मादक पदार्थों की तस्करी या जिसे उन्होंने "चोरी का तेल" बताया, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वैंस ने X पर लिखा, "मादक पदार्थों की तस्करी बंद होनी चाहिए और चोरी का तेल अमेरिका को वापस किया जाना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि मादुरो अब समझ गए हैं कि ट्रंप "जो कहते हैं, वही करते हैं।"

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इस घटना पर दुनिया भर के नेताओं ने तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अधिकांश देशों ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।

रूस ने कहा- यह सशस्त्र आक्रामकता है

रूसी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बयान जारी कर अमेरिकी कार्रवाई को "सशस्त्र आक्रामकता" करार दिया। बयान में कहा गया, "आज (3 जनवरी) सुबह, संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ सशस्त्र आक्रामकता की कार्रवाई की है। यह बेहद चिंताजनक और निंदनीय है।" मंत्रालय ने आगे कहा कि "वैचारिक शत्रुता ने व्यावहारिक दृष्टिकोण पर विजय प्राप्त कर ली है।" रूस ने स्थिति में तनाव बढ़ने से रोकने और संवाद के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया।

चीन की प्रतिक्रिया- अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन

चीन ने अमेरिका के वेनेजुएला पर सैन्य हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन को इस घटना से "गहरा सदमा" पहुंचा है और अमेरिका की इस "खुलेआम बल प्रयोग" की कड़ी निंदा करता है।प्रवक्ता ने इसे एक संप्रभु राष्ट्र के खिलाफ अमेरिका का "हेगेमोनिक कृत्य" करार दिया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है, वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला है और लैटिन अमेरिका तथा कैरिबियन क्षेत्र की शांति व सुरक्षा को खतरा पैदा करता है। चीन ने इसका पुरजोर विरोध जताया है। चीन ने अमेरिका से अपील की है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का पालन करे तथा अन्य देशों की संप्रभुता व सुरक्षा का उल्लंघन बंद करे। बयान में यह भी कहा गया कि अमेरिका की ऐसी कार्रवाइयां क्षेत्रीय तनाव बढ़ाती हैं और वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा हैं।


क्यूबा ने कहा- आपराधिक हमला

क्यूबा ने इसे "आपराधिक हमला" और "राज्य आतंकवाद" बताया। डियाज-कैनेल ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह वेनेजुएला के बहादुर लोगों और पूरे लैटिन अमेरिका के खिलाफ है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल प्रतिक्रिया की मांग की और लिखा, "हमारी शांति क्षेत्र पर क्रूर हमला हो रहा है। मातृभूमि या मौत, हम विजयी होंगे।"

ब्राजील ने कहा- अमेरिका ने सारी सीमाएं पार कर दी हैं

ब्राज़ील के लुला दा सिल्वा ने कहा कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हमले और मादुरो की गिरफ्तारी ने ‘अस्वीकार्य सीमा’ पार कर दी है। 
लुला ने X पर एक पोस्ट में लिखा, “ये कृत्य वेनेज़ुएला की संप्रभुता पर सबसे गंभीर हमला हैं और पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक और बेहद खतरनाक मिसाल हैं।” उन्होंने आगे कहा, “बल प्रयोग की निंदा करना उस रुख के अनुरूप है जो ब्राज़ील ने हाल ही में अन्य देशों और क्षेत्रों में अपनाई है। यह कार्रवाई लैटिन अमेरिका और कैरेबियन की राजनीति में हस्तक्षेप के सबसे बुरे क्षणों की याद दिलाती है और इस क्षेत्र को शांतिपूर्ण क्षेत्र के रूप में संरक्षित रखने के लिए खतरा है।”

भारत के पूर्व विदेश राज्यमंत्री का बयान

विदेश मंत्रालय के पूर्व राज्य मंत्री एमजे अकबर ने कहा है कि वेनेजुएला की राजधानी पर अमेरिका का मौजूदा हमला, जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को कथित तौर पर गिरफ्तार किया गया है, लोकतंत्र या प्रगति के बारे में नहीं, बल्कि खनिजों और तेल के बारे में अधिक है। अकबर ने मौजूदा संघर्ष के लिए 'मोनरो सिद्धांत' का हवाला दिया। ठीक उसी तरह जैसे राष्ट्रपति मोनरो ने दिसंबर 1823 में कांग्रेस को दिए अपने संदेश में लैटिन अमेरिका को अमेरिकी प्रभाव क्षेत्र में घोषित किया था। इसी तरह आधुनिक युग में इसका विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा संदर्भ में हम एक वर्चस्ववादी सिद्धांत देख रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि लैटिन अमेरिका के सभी देशों में सच्चा लोकतंत्र नहीं है, और वेनेजुएला में "मतदान की वैधता पर सवाल और संदेह" हैं।

ईरान ने यूएन से दखल देने को कहा

ईरान ने अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की और इसे वेनेजुएला की राष्ट्रीय संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का स्पष्ट उल्लंघन बताया। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की।

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कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो

कोलंबियाई राष्ट्रपति ने वेनेजुएला और लैटिन अमेरिका की संप्रभुता पर हमले को खारिज किया। उन्होंने कहा कि शांति, अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान और मानवीय गरिमा की रक्षा किसी भी सशस्त्र टकराव से ऊपर होनी चाहिए। पेट्रो ने वेनेजुएला सीमा पर सैन्य बल तैनात करने का भी आदेश दिया।