ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स आईआरजीडी ने कहा है कि यदि इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ज़िंदा हैं तो वह उनको पीछा करके मार डालेगा। यह न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी ने रिपोर्ट दी है। ईरान के गार्ड्स ने नेतन्याहू को बच्चों को मारने वाला अपराधी कहा है। उन्होंने अपने आधिकारिक वेबसाइट सीपाह न्यूज़ पर लिखा, 'अगर यह बच्चे मारने वाला अपराधी ज़िंदा है तो हम पूरी ताक़त से उसका पीछा करेंगे और उसे मार डालेंगे।' यह धमकी ऐसे समय में आई है जब युद्ध के बीच में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे को मारने की धमकी दी गई है। कुछ समय पहले नेतन्याहू ने भी ईरान के नये सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई को मारने की धमकी दी थी।

नेतन्याहू ने दी थी मुजतबा खामेनेई को धमकी

इससे पहले इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई को मारने की धमकी दी थी। जब नेतन्याहू से पूछा गया कि क्या इसराइल ईरान के नए लीडर मुजतबा या हिज़्बुल्लाह के लीडर नैम कासेम को निशाना बनाएगा तो उन्होंने कहा, 'मैं इन आतंकी संगठनों के लीडरों के लिए कोई लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी नहीं लूंगा।' इसका मतलब निकाला जा रहा है कि वह कहना चाह रहे हैं कि उनकी जान खतरे में है, वे ज्यादा दिन नहीं बचेंगे।

नेतन्याहू की मौत की ख़बर अफवाह, PM ठीक हैं: इसराइल

बेंजामिन नेतन्याहू के दफ्तर ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उनकी मौत की ख़बरों को साफ-साफ नकार दिया। ये अफवाहें थीं कि इसराइल के प्रधानमंत्री की हत्या हो गई है। तुर्की की न्यूज़ एजेंसी Anadolu Agency ने जब इस बारे में पूछा तो प्रधानमंत्री के दफ्तर ने कहा, 'ये पूरी तरह फ़ेक न्यूज़ हैं। प्रधानमंत्री बिल्कुल ठीक हैं।'

अफवाह कैसे फैली?

नेतन्याहू ने शुक्रवार को अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वे इसराइल-अमेरिका-ईरान जंग के बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात कर रहे थे। वीडियो पोस्ट होते ही कुछ लोग बोले कि वीडियो में नेतन्याहू के दाहिने हाथ में छह उंगलियाँ दिख रही हैं। वीडियो के क़रीब 35 सेकंड पर, छोटी उंगली के पास थोड़ा अतिरिक्त मांस दिखा, जिसे लोग छठी उंगली समझ बैठे। उन्होंने कहा कि ये एआई से बने वीडियो की आम गलती है। एआई में अक्सर उंगलियाँ गड़बड़ दिखती हैं। इस अफवाह को और बढ़ावा मिला जब अमेरिकी कमेंटेटर कैंडेस ओवेन्स ने एक्स पर लिखा, "बीबी कहाँ है? उनका दफ्तर क्यों फेक एआई वीडियो जारी और डिलीट कर रहा है? और व्हाइट हाउस में इतना डर क्यों फैला हुआ है?' लेकिन फैक्ट-चेक करने पर पता चला कि ये सिर्फ छाया या हाथ की मुद्रा की वजह से ऐसा लगा था - असल में उनके हाथ में पाँच ही उंगलियाँ हैं। कई फैक्ट-चेक साइट्स ने इसे गलत बताया है। बाद में ओवेन्स ने एक अन्य पोस्ट में कहा, 'मुझे नहीं पता कि बीबी की मौत हो गई है या नहीं, लेकिन यह बिल्कुल साफ़ है कि व्हाइट हाउस में सचमुच घबराहट फैली हुई है और यह युद्ध योजना के मुताबिक नहीं चल रहा है। और जिस तरह से ट्रंप ने स्कूली छात्राओं पर बमबारी करने के बारे में इतनी आसानी से झूठ बोला, उसे देखते हुए इस प्रशासन की किसी भी बात पर भरोसा करना मुश्किल है।'
बता दें कि दूसरे यूज़र्स ने उस वीडियो क्लिप के बैकग्राउंड में कुछ विज़ुअल डिटेल्स की तरफ इशारा किया था, जिसमें पर्दों का हिलना भी शामिल था, जबकि दो इसराइली झंडे लगभग स्थिर दिख रहे थे; इससे यह संकेत मिलता है कि फ़ुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई हो सकती है। एक यूज़र ने लिखा कि पर्दा 'पूरे वीडियो में बिल्कुल एक ही दिक्कत में हिलता है, लगभग ऐसा लगता है जैसे वह लूप में चल रहा हो', और यह तर्क दिया कि इससे पता चलता है कि इसे आर्टिफ़िशियल तरीकों से बनाया गया है। हालांकि, कुछ यूज़र्स ने इस दावे का विरोध किया और कहा कि आजकल कई ब्रॉडकास्ट और ऑफ़िशियल वीडियो में डिजिटल या वर्चुअल बैकग्राउंड का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे विज़ुअल कॉन्ट्रैक्टरों की वजह समझ में आ सकती है।

खुफिया जानकारी देने के आरोप में ईरान में 20 गिरफ़्तार

ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने बताया है कि अधिकारियों ने देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में 20 लोगों को गिरफ़्तार किया है। इन पर कथित तौर पर इसराइल के साथ सैन्य ठिकानों से जुड़ी जानकारी साझा करने का आरोप है। ये गिरफ़्तारियाँ मौजूदा तनाव और संघर्ष से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के बीच की गई हैं।

सऊदी अरब ने 10 ड्रोन रोके

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसने रियाद और पूर्वी इलाकों के ऊपर 10 ड्रोनों को तबाह कर दिया और उन्हें रोक लिया। इस बीच, दिन का पहला हमला संयुक्त अरब अमीरात की ओर किया गया, जिसके जवाब में देश के हवाई रक्षा सिस्टम ने ईरान से आ रही मिसाइलों और ड्रोन हमलों का सामना किया। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अलग-अलग इलाक़ों में जो आवाज़ें सुनाई दीं, वे हवाई रक्षा सिस्टम द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की वजह से थीं, जबकि लड़ाकू विमानों ने ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशंस को रोका।