अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई और नौ अन्य वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों की सूचना देने वाले को 10 मिलियन डॉलर (करीब 83 करोड़ रुपये) तक का इनाम देने की घोषणा की है। यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से उठाया गया है। आईआरजीसी को 2019 से अमेरिका द्वारा विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है, और इसे अमेरिकियों पर हमलों और वैश्विक आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है।
यह घोषणा अमेरिकी विदेश विभाग के 'रिवार्ड्स फॉर जस्टिस' कार्यक्रम के तहत की गई है, जो आतंकवाद से जुड़ी खुफिया जानकारी के बदले नकद इनाम और अमेरिका में पुनर्वास की सुविधा प्रदान करता है। कार्यक्रम ने एक बैनर जारी किया है जिसमें कहा गया है, "ये व्यक्ति ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के विभिन्न तत्वों का कमांड और निर्देशन करते हैं, जो दुनिया भर में आतंकवाद की योजना बनाता, आयोजित करता और अंजाम देता है।" जानकारी प्रदान करने वाले लोग एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स या टोर नेटवर्क के माध्यम से सुरक्षित रूप से संपर्क कर सकते हैं।

इनाम की सूची में शामिल प्रमुख नाम

इनाम की पेशकश 10 वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों के लिए की गई है, जो आईआरजीसी से जुड़े हैं:
  • मुजतबा खामेनेई 
  • अली असगर हेजाजी (डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ और सर्वोच्च नेता कार्यालय के उप प्रमुख)
  • मेजर जनरल यहया रहीम सफावी
  • गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी
  • सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव डॉ. अली लारिजानी
  • खुफिया मंत्री एस्माइल खतीब
अन्य चार अधिकारियों के नाम अभी सार्वजनिक रूप से निर्दिष्ट नहीं किए गए हैं, लेकिन वे सभी आईआरजीसी के कमांड और ऑपरेशंस से जुड़े हैं।
यूएस का कहना है कि ये अधिकारी आईआरजीसी के माध्यम से विदेशों में ऑपरेशंस की योजना और निष्पादन में शामिल हैं, जिसके पास ईरान की विदेश नीति और अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव है। आईआरजीसी की स्थापना 1979 में हुई थी और यह ईरान की घरेलू राजनीति में भी गहरा प्रभाव रखती है। अमेरिकी कानून के तहत, आईआरजीसी के साथ लेन-देन या सामग्री समर्थन प्रदान करना अपराध है।
यह घटना ईरान में हाल के राजनीतिक उथल-पुथल की पृष्ठभूमि में आई है। 28 फरवरी 2026 को, पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तेहरान में अमेरिका और इसराइल के संयुक्त हवाई हमलों में हत्या कर दी गई थी। यह हमला ईरान के उच्च-स्तरीय अधिकारियों को निशाना बनाने वाली एक बड़ी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा था, जिसमें अमेरिकी केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) की खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया गया। ईरानी राज्य मीडिया ने 1 मार्च को उनकी मौत की पुष्टि की और 40 दिनों की राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। 86 वर्षीय अली खामेनेई ने 1989 से ईरान की कमान संभाले हुए थे।
उनकी मौत के बाद, 13 मार्च 2026 को उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नए सुप्रीम लीडर के रूप में नियुक्त किया गया। मुजतबा, जो आईआरजीसी से निकटता से जुड़े हैं, को उनके पिता का उत्तराधिकारी माना जा रहा था। उनकी नियुक्ति ने ईरान में आंतरिक स्थिरता की कोशिशों को दर्शाया, लेकिन अमेरिका ने तुरंत दबाव बढ़ाते हुए इस इनाम की घोषणा की।
यह इनाम अमेरिका-ईरान संबंधों में एक नया अध्याय है, जो 2026 की शुरुआत से युद्ध जैसी स्थिति में हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा था कि यह ईरान की आक्रामकता के खिलाफ जवाबी कार्रवाई है। ईरान ने इन हमलों में मारे गए लोगों को "शहीद" बताते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि अली खामेनेई की हत्या से उत्तराधिकार प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, लेकिन मुजतबा की नियुक्ति से व्यवस्था की निरंतरता सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। ईरान ने युद्ध के दौरान मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों और इसराइल में तमाम सफल हमले हुए हैं, जिनमें इन देशों को काफी नुकसान पहुंचा है।