वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका के साथ संबंध सुधारने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि वे अमेरिका के साथ मिलकर काम करना चाहती हैं और दोनों देशों के बीच संतुलित और सम्मानजनक रिश्ते बनाना प्राथमिकता है। यह बयान अमेरिकी सेना द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद आए तीखे विरोध के मुकाबले काफी नरम है।

अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार टेलीग्राम पर पोस्ट में डेल्सी रोड्रिगेज ने लिखा है, 'हम अमेरिका और वेनेजुएला के बीच संतुलित और सम्मानजनक संबंध बनाने को प्राथमिकता मानते हैं।' उन्होंने अमेरिकी सरकार को आमंत्रण दिया कि दोनों देश मिलकर विकास के लिए सहयोग की योजना बनाएं।
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रविवार को आया उनका यह बयान शनिवार के उस टीवी भाषण से बिल्कुल अलग है, जिसमें रोड्रिगेज ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और क्रूरता क़रार दिया था। उस समय उन्होंने जोर देकर कहा था कि वेनेजुएला के इकलौते राष्ट्रपति निकोलस मादुरो हैं। उन्होंने अमेरिकी कार्रवाई को आक्रामकता क़रार दिया और अंतरराष्ट्रीय नियम-क़ायदों का उल्लंघन भी बताया था।

अमेरिका ने कैसे पकड़ा मादुरो को?

3 जनवरी की रात अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने काराकास में बड़ा ऑपरेशन किया। उन्होंने मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके बेडरूम से पकड़ लिया। यह अमेरिका की अब तक की सबसे जोखिम भरी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है। 2011 में ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में मारने के ऑपरेशन के बाद सबसे बड़ी कार्रवाई। मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहाँ उन पर ड्रग तस्करी, आतंकवाद और हथियारों से जुड़े गंभीर आरोप हैं। 

ट्रंप ने इसे ड्रग्स से जुड़ी कानूनी कार्रवाई बताया है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वेनेजुएला से अमेरिका आने वाले प्रवासियों की संख्या और वेनेजुएला का तेल भंडार भी वजह है।

ट्रंप ने दी धमकी और नरमी हो गईं डेल्सी!

मादुरो की गिरफ्तारी के तुरंत बाद ट्रंप ने कहा था कि रोड्रिगेज से बात हो रही है और वे सहयोग करने को तैयार हैं। लेकिन जब रोड्रिगेज ने टीवी पर अमेरिकी सरकार को 'चरमपंथी' कहा तो ट्रंप नाराज हो गए। रविवार सुबह एक इंटरव्यू में ट्रंप ने धमकी दी, 'अगर रोड्रिगेज सही काम नहीं करतीं तो उन्हें मादुरो से भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।' ट्रंप ने आगे कहा कि वेनेजुएला पर और हमले हो सकते हैं और जमीन पर सैनिक भेजने की संभावना से इनकार नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि अब अमेरिका वहां 'नियंत्रण' में है। इसके बाद डेल्सी का रविवार को नरमी वाला बयान आया।

मादुरो की रिहाई के लिए कमीशन

रोड्रिगेज ने घोषणा की कि मादुरो और उनकी पत्नी की रिहाई के लिए एक कमीशन बनाया गया है। इसकी सह-अध्यक्षता विदेश मंत्री इवान गिल और उनके भाई जॉर्ज रोड्रिगेज करेंगे, जो नेशनल असेंबली के अध्यक्ष हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मादुरो का भविष्य 1990 में पनामा के राष्ट्रपति मैनुअल नोरिएगा जैसा हो सकता है। नोरिएगा को भी अमेरिकी सेना ने पकड़ा था और ड्रग तस्करी के आरोप में 40 साल की सजा हुई थी। हालाँकि बाद में अच्छे व्यवहार के लिए सजा कुछ कम कर दी गई थी। नोरिएगा की मौत 2017 में पनामा की जेल में ही हुई।
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ट्रंप की कार्रवाई का दुनिया में विरोध

ट्रंप की इस कार्रवाई के ख़िलाफ़ अमेरिका और दुनिया के कई शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि ट्रंप ने चुनाव में 'अमेरिका फर्स्ट' और अनावश्यक युद्धों से दूर रहने का वादा किया था। इराक युद्ध जैसे रिजीम चेंज की भी ट्रंप पहले आलोचना करते थे। अब यह कार्रवाई उनके वादों के उलट लग रही है।

बहरहाल, रोड्रिगेज का नरम रुख दिखाता है कि वेनेजुएला संकट से बचना चाहता है और अमेरिका से बातचीत का रास्ता खोल रहा है। लेकिन ट्रंप की धमकियों से तनाव अभी बना हुआ है। सवाल है कि दोनों देश बातचीत की ओर बढ़ेंगे या मामला और बिगड़ेगा।