शीतयुद्ध के दौर में अमेरिकी CIA द्वारा हिमालय में छोड़े गए कथित ‘परमाणु जासूस’ की कहानी फिर चर्चा में है। क्या यह 60 साल पुराना खतरा आज भी मौजूद है? देखिए विश्लेषण।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।









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