चीन की चालें, शक्सगाम घाटी की सच्चाई और इसी बीच BJP-RSS की रहस्यमयी मुलाकात। क्या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक या रणनीतिक संदेश है? देखिए, श्रवण गर्ग की खरी खरी में आशुतोष के साथ।
पत्रकारिता में एक लंबी पारी और राजनीति में 20-20 खेलने के बाद आशुतोष पिछले दिनों पत्रकारिता में लौट आए हैं। समाचार पत्रों में लिखी उनकी टिप्पणियाँ 'मुखौटे का राजधर्म' नामक संग्रह से प्रकाशित हो चुका है। उनकी अन्य प्रकाशित पुस्तकों में अन्ना आंदोलन पर भी लिखी एक किताब भी है।


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