प्रशांत किशोर कांग्रेस नेताओं के किसी ग्रुप में बंधकर काम नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में वह कांग्रेस नेताओं के चक्रव्यूह में फँसकर अभिमन्यु बन चुके हैं। जब उनकी पूरी कार्ययोजना को बेहद आधे अधूरे ढंग से लागू करके उन्हें समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करने को मजबूर कर दिया गया...
जी-23 के नाम से जाने जाने वाले नेताओं- गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और शशि थरूर जैसे कई नेताओं ने पीके से मुलाकात भी की। कई की उनसे टेलीफोन से भी बात हुई। पीके के समर्थन और विरोध में कांग्रेसियों के बयान भी आने लगे।