आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली शराब घोटाले में आरोप मुक्त होने के तुरंत बाद कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। हालांकि बीजेपी और मोदी सरकार पर भी उन्होंने हमला बोला। लेकिन कांग्रेस और उसके नेता पर किया गया हमला गैरजरूरी था। इससे कुछ और ही संकेत मिल रहे हैं। केजरीवाल और पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी को आरोपमुक्त कर दिया। 
इस फैसले के बाद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक होते हुए कहा, "मैं भ्रष्ट नहीं हूं। अदालत ने कहा है कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं।" लेकिन उन्होंने अपना पहला निशाना कांग्रेस पर साधा। उन्होंने राहुल गांधी, सोनिया गांधी और रॉबर्ट वाड्रा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि वे जेल क्यों नहीं गए।

राजनीतिक रणनीति: कांग्रेस पर निशाना क्यों?

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, केजरीवाल की यह रणनीति दिल्ली और राष्ट्रीय स्तर पर AAP की स्थिति मजबूत करने की है। BJP की बजाय कांग्रेस पर फोकस करने के पीछे मुख्य कारण यह है कि AAP दिल्ली में कांग्रेस को अपना मुख्य प्रतिद्वंद्वी मानती है, खासकर जब BJP पहले से ही मजबूत स्थिति में है। 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में BJP की जीत (48 सीटें) और AAP की हार (22 सीटें) के बाद, AAP ने महसूस किया कि कांग्रेस के साथ गठबंधन न करने और उसे कमजोर करने से फायदा हो सकता है। कांग्रेस विरोध के नाम पर ही आम आदमी पार्टी दिल्ली की सत्ता में आई थी। उसने कांग्रेस की जगह लेने का अपना ख्वाब कभी नहीं छोड़ा। बीजेपी के लिए भी यह स्थिति ठीक है। कांग्रेस की जगह अगर आप से उसे राजनीतिक तौर पर लड़ना होगा तो लड़ाई आसान होगी। इस समय नेता विपक्ष राहुल गांधी पीएम मोदी पर राजनीतिक तौर पर भारी पड़ रहे हैं। उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

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कांग्रेस ने पिछले चुनावों में AAP के खिलाफ आक्रामक कैंपेन चलाया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने AAP पर हमले किए, जिससे इंडिया गठबंधन भी प्रभावित हुआ। केजरीवाल की रणनीति BJP पर कथित हमला जारी रखते हुए कांग्रेस को 'पुरानी और कमजोर' दिखाकर AAP को युवा विकल्प के रूप में पेश करना है। 
  • कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इसे BJP-AAP के 'गुप्त समझौते' का हिस्सा बताया, जहां BJP AAP को चुनावों से पहले राहत देती है ताकि कांग्रेस को नुकसान पहुंचे।

दिल्ली की सियासत पर असर

यह हमला दिल्ली की राजनीति को और ध्रुवीकृत कर सकता है। 2025 चुनावों में BJP की जीत पहले ही AAP के लिए झटका थी, जहां केजरीवाल न्यू दिल्ली सीट से हार गए। अब कांग्रेस पर हमले से AAP दिल्ली में खुद को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। हालांकि इससे BJP को फायदा हो सकता है क्योंकि विपक्ष बंटा रहेगा। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि AAP की यह रणनीति शॉर्ट-टर्म में वोटर बेस को एकजुट कर सकती है, लेकिन लॉन्ग-टर्म में BJP की मजबूती बढ़ाएगी। कुल मिलाकर केजरीवाल और आप हर हालत में दिल्ली में अपनी खोई ज़मीन वापस पाना चाहते हैं।

INDIA गठबंधन पर प्रभाव

इंडिया गठबंधन पहले से ही कमजोर है, और यह हमला इसे और तोड़ सकता है। कांग्रेस ने केजरीवाल के हमले का जवाब देते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसमें राहुल गांधी को 'मजबूत और संघर्षशील' दिखाया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि BJP जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। गठबंधन में दरार से राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की एकता प्रभावित होगी, खासकर जब 2029 लोकसभा चुनाव नजदीक हैं।

आने वाले चुनावों पर असर

2026 में पंजाब और गुजरात जैसे राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, जहां AAP और कांग्रेस दोनों सक्रिय हैं। केजरीवाल की रणनीति से कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लग सकती है, लेकिन अगर INDIA गठबंधन टूटा तो BJP को आसान जीत मिल सकती है। यह बयान चुनावी माहौल को गर्म कर सकता है, लेकिन विपक्षी बिखराव से BJP फायदे में रहेगी।