क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बीजेपी ने तीन बड़ी राजनीतिक गलतियां कर दीं? वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष संसद में स्वागत, CJP विवाद और छात्र आंदोलन पर अपनी बेबाक राय रख रहे हैं।
पत्रकारिता में एक लंबी पारी और राजनीति में 20-20 खेलने के बाद आशुतोष पिछले दिनों पत्रकारिता में लौट आए हैं। समाचार पत्रों में लिखी उनकी टिप्पणियाँ 'मुखौटे का राजधर्म' नामक संग्रह से प्रकाशित हो चुका है। उनकी अन्य प्रकाशित पुस्तकों में अन्ना आंदोलन पर भी लिखी एक किताब भी है।
























