भारत का अचानक तालिबान के प्रति झुकाव चौंकाने वाला है! क्या यह सिर्फ़ 'दुश्मन का दुश्मन दोस्त' वाला तर्क है, क्योंकि तालिबान अब पाकिस्तान से लड़ रहा है? या इसके पीछे और गहरी मजबूरियाँ हैं?
भारत का अचानक तालिबान के प्रति झुकाव चौंकाने वाला है! क्या यह सिर्फ़ 'दुश्मन का दुश्मन दोस्त' वाला तर्क है, क्योंकि तालिबान अब पाकिस्तान से लड़ रहा है? या इसके पीछे और गहरी मजबूरियाँ हैं?