पहलगाम आतंकी हमले ने एक बार फिर भारत की खुफिया प्रणाली पर सवाल उठाए हैं और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, और सुरक्षा को और सख्त करने के वादों के बावजूद ये पैटर्न बार-बार क्यों दोहराए जा रहे हैं?