इसराइल से जारी संघर्ष के बीच ईरान मुस्लिम दुनिया यानी ‘उम्मत’ से समर्थन की आस लगाए बैठा है, लेकिन सच्चाई यह है कि ईरान आज जमीनी स्तर पर अकेला पड़ता जा रहा है। क्या ‘उम्मत’ सिर्फ एक छद्म है?
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार ने साफ़ किया कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार केवल उसकी अपनी सुरक्षा के लिए हैं। डार ने 16 जून 2025 को संसद में ईरान के अधिकारी के बयान को "गैर-ज़िम्मेदाराना और झूठा" करार दिया।
आज 85% मुसलमान सुन्नी और 15% शिया हैं। ईरान शिया बहुल देश है, जबकि सऊदी अरब और यूएई सुन्नी बहुल हैं।
यूएई और सऊदी अरब जैसे देशों के क्षेत्रों में अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं, और वे अमेरिका पर आर्थिक रूप से निर्भर हैं। ये देश इसराइल के खिलाफ युद्ध में शामिल नहीं होंगे।