लंदन में जजों का बैडमिंटन विवाद पर शरत की दो टूक में सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण का बड़ा विश्लेषण। जहां जनता से फिजूलखर्ची रोकने को कहा गया, वहीं 150 जज-वकील सरकारी व कॉरपोरेट खर्च पर विदेश दौरे पर हैं। क्या इससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता खतरे में है?



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