प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित बड़े फैसले की चर्चा के बीच सवाल उठ रहा है कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की भूमिका और भविष्य क्या होगा। देखिए आशुतोष की बात में इसके राजनीतिक मायने और संभावित समीकरण का विश्लेषण।
पत्रकारिता में एक लंबी पारी और राजनीति में 20-20 खेलने के बाद आशुतोष पिछले दिनों पत्रकारिता में लौट आए हैं। समाचार पत्रों में लिखी उनकी टिप्पणियाँ 'मुखौटे का राजधर्म' नामक संग्रह से प्रकाशित हो चुका है। उनकी अन्य प्रकाशित पुस्तकों में अन्ना आंदोलन पर भी लिखी एक किताब भी है।


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