• About Us
  • Mission Statement
  • Board of Directors
  • Ethics and Standards
  • Grievance Redressal
  • Terms of Use
  • Privacy Policy
☰
home-tab.png
  • देश
  • राज्य
  • राजनीति
  • दुनिया
  • विश्लेषण
  • विचार
  • वीडियो
  • वक़्त-बेवक़्त
  • होम
  • /
  • विश्लेषण
  • /
  • SIR का सच: बिहार में 42 लाख नाम काटे, सिर्फ 3 विदेशी मिले! ज्ञानेश कुमार की चाल बेनकाब

ट्रेंडिंग
ख़बर

NEET पेपर लीक मामले में महिला प्रोफेसर पुणे से गिरफ्तार, राहुल ने मंत्री का इस्तीफा मांगा

देश

CJI सूर्य कांत ने विवाद बढ़ने पर सफाई दी- 'मैंने बेरोजगार युवकों को 'कॉकरोच' नहीं कहा'

देश

पश्चिम बंगाल में 2011 से जारी SC/ST, OBC प्रमाणपत्रों की जांच का आदेश

पश्चिम बंगाल

कुणाल कामरा के साथ गुहा की तस्वीरः सीधे खड़े होना ही राष्ट्रभक्ति है

विश्लेषण

केरल की हारः भारत ही नहीं, दुनिया के नक्शे से नहीं मिटाया जा सकता वामपंथ, क्यों

विश्लेषण

ISIS का नंबर 2 अबू बिलाल अल मिनूकी मारा गया, यूएस-नाइजीरियाई फोर्स का ऑपरेशन

दुनिया

पीएम मोदी नीदरलैंड में भारतीयों के बीच जाकर कह रहे हैं- 'गरीबी लौट सकती है'

देश

एमपी में राजधानी एक्सप्रेस के AC कोच में भीषण आग, 68 यात्री बाल-बाल बचे

मध्य प्रदेश
Satya Hindi Bulletin
CJI Surya Kant
NEET Paper Leak
Donald Trump
NEET 2026
Rahul Gandhi
CBI
Narendra Modi
Supreme Court of India
Unemployment in India
Petrol Diesel Price Hike
Suvendu Adhikari
TMC
Supreme Court
west bengal bulldozer action
ECI
Anil Sharma
AAP
Ambrish Kumar
PM Modi UAE Visit

SIR का सच: बिहार में 42 लाख नाम काटे, सिर्फ 3 विदेशी मिले! ज्ञानेश कुमार की चाल बेनकाब

  • विश्लेषण
  • |
  • |
  • 28 Oct, 2025
CEC ज्ञानेश कुमार की SIR योजना की असलियत अब सामने आ गई है। बिहार में 42 लाख नाम वोटर लिस्ट से काटे गए लेकिन सिर्फ 3 विदेशी मिले। यह साबित करता है कि घुसपैठियों की पहचान के नाम पर असली मकसद मुस्लिम और दलित मतदाताओं को सूची से हटाना है। 
  • Sharat ki do took
  • Gyanesh Kumar
  • Bihar SIR Controversy

© 2026 Camword Private Limited. All Rights Reserved