निशिकांत दुबे के ताज़ा कदम के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या राहुल गांधी की सांसदी पर ख़तरा है? कानूनी पहलुओं, संसदीय प्रक्रिया और सियासी रणनीति का विश्लेषण देखिए आशुतोष की बात में।
पत्रकारिता में एक लंबी पारी और राजनीति में 20-20 खेलने के बाद आशुतोष पिछले दिनों पत्रकारिता में लौट आए हैं। समाचार पत्रों में लिखी उनकी टिप्पणियाँ 'मुखौटे का राजधर्म' नामक संग्रह से प्रकाशित हो चुका है। उनकी अन्य प्रकाशित पुस्तकों में अन्ना आंदोलन पर भी लिखी एक किताब भी है।


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