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कोरोना: डॉक्टर का आरोप, एक मास्क देकर कहा 15 दिन तक पहनो

कोरोना वायरस के खौफ के बीच आँध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम के एक डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक मास्क देकर कहा गया है कि वह इसे 15 दिन तक इस्तेमाल करें। नरसिपटनम एरिया हॉस्पिटल के डॉक्टर सुधाकर राव कहते हैं कि कोरोना वायरस के फैलने के डर के बीच यह नाकाफ़ी है और मुख्यमंत्री को इस पर ध्यान देना चाहिए। उनका यह आरोप काफ़ी अहम इसलिए है कि ऐसी रिपोर्टें आती रही हैं कि कार्रवाई के डर से डॉक्टर और नर्स ऐसी शिकायतें नहीं कर रहे हैं। 

संशाधनों की कमी की शिकायत करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई नहीं करने के लिए एम्स और सफदरजंग के रेजिडेंट एसोसिएशन द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखे जाने के एक दिन ही विशाखापत्तनम के डॉक्टर की यह शिकायत आई है।

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हाल ही में सोशल मीडिया पर ऐसी कई शिकायतें आती रही हैं कि डॉक्टरों के पास मास्क, ग्लव्स, गोगल्स, कवरॉल जैसे सुरक्षा के उपकरणों की कमी है। कई जगहों से ऐसे भी मामले आए जिसमें डॉक्टर रेनकोट और हेलमेटर पहनकर मरीजों का इलाज करते दिखे। इन शिकायतों में यह भी कहा जा रहा था कि वे उच्चाधिकारियों द्वारा कार्रवाई किए जाने के डर से शिकायत नहीं कर रहे हैं। 

इसी बीच सोमवार को यह ख़बर आई कि रेजिंडेट डॉक्टरों ने प्रधानमंत्री को इस पर पत्र लिखा है। नरेंद्र मोदी को लिखी इस चिट्ठी में कहा गया है कि डॉक्टरों, नर्सों और दूसरे स्वास्थ्य कर्मियों ने पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, जाँच किट और क्वरेन्टाइन सुविधा को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी दिक्क़तें और समस्याएँ बताईं। अधिकारियों को इस पर रचनात्मक रुख अपनाना चाहिए था, पर इसके बजाय इन स्वास्थ्य कर्मियों को निशाने पर लिया जा रहा है और उनके साथ कठोर व्यवहार किया जा रहा है।

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कोरोना से बचाव में डॉक्टरों के लिए मास्क काफ़ी अहम है, और डॉक्टर मास्क की कमी को लेकर शिकायतें भी करते रहे हैं। लेकिन अधिकतर दबी ज़ुबान में ही शिकायतें करते रहे थे। विशाखापत्तनम के डॉक्टर सुधाकर राव ने खुलकर अपनी बात कही है। 'एएनआई' की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. राव ने 15 दिनों के लिए सिर्फ़ एक मास्क दिए जाने का आरोप लगाते हुए कहा, 'वे (हॉस्पिटल प्रशासन) क्या सोचते हैं कि पॉजिटिव केस यहाँ नहीं आएँगे? मुख्यमंत्री को अवश्य ही इस मामले में दखल देनी चाहिए।'

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