कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुयां सरमा पर तीन विदेशी पासपोर्ट (यूएई, एंटीगुआ और बारबुडा, मिस्र) रखने का आरोप लगाया है। सरमा ने आरोपों को झूठा बताते हुए मानहानि का मुकदमा दायर करने की घोषणा की है।
असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर तीन विदेशी पासपोर्ट रखने का गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि उनके पास दस्तावेज हैं, जिनके अनुसार रिंकी भुइयां सरमा के पास तीन पासपोर्ट हैं- यूएई गोल्डन कार्ड, एंटीगुआ एंड बारबुडा का पासपोर्ट और मिस्र (इजिप्ट) का पासपोर्ट। इनमें से दो इस्लामिक देशों के हैं। लेकिन मुख्यमंत्री अपने मुस्लिम विरोधी बयानों के लिए चर्चित हैं।
पवन खेड़ा ने कहा, “हमारे पास दस्तावेज हैं जो दिखाते हैं कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइया के पास तीन पासपोर्ट हैं। पहला यूएई गोल्डन कार्ड, दूसरा एंटीगुआ एंड बारबुडा का पासपोर्ट और तीसरा मिस्र का पासपोर्ट। इनमें से दो इस्लामिक देशों के हैं, फिर भी वे सार्वजनिक रूप से धार्मिक अनुपालन का दावा करते रहते हैं।”
खेड़ा ने कहा कि हिमंत सरमा और उनकी पत्नी के नाम पर लैंड ग्रैबिंग, मंदिर के फंड के दुरुपयोग, सरकारी सब्सिडी और चिट फंड घोटाले जैसे कई आरोप लग चुके हैं। उन्होंने कहा, “आज हम जो दस्तावेज पेश कर रहे हैं, वे भारत से बाहर की बातों से सीधे जुड़े हैं। यह चौंकाने वाली बात है कि उनके पास एक नहीं, दो नहीं बल्कि तीन पासपोर्ट हैं, जो अभी एक्सपायर नहीं हुए हैं।”
असम कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने भी हिमंत सरमा पर हमला बोलते हुए कहा, “हिमंत बिस्वा शर्मा से जुड़े चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं। कई पासपोर्ट रखना और संपत्तियों का खुलासा न करना गंभीर और आपराधिक अपराध है। उन्होंने असम से कितना पैसा विदेशी बैंक खातों में भेजा है? इसकी और जांच की जरूरत है।” गोगोई ने मुख्यमंत्री को “असम के लिए शर्मिंदगी” बताते हुए कहा कि उन्हें इन सवालों का जवाब देना होगा और अपने अपराध की सजा भुगतनी होगी।
हिमंता ने मुकदमे की धमकी देकर बचाव किया
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया और कांग्रेस पर राजनीतिक मकसद से हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि पवन खेड़ा की प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस की हताशा और घबराहट को दिखाती है। असम में ऐतिहासिक जनादेश की ओर बढ़ते समय ऐसी हताशा भरी और बेबुनियाद हमले उनकी डूबती हुई स्थिति को उजागर करते हैं।
हिमंत सरमा ने कहा, “मैं उनके द्वारा लगाए गए हर आरोप को स्पष्ट रूप से खारिज करता हूं। ये दुर्भावनापूर्ण, गढ़े गए और राजनीतिक रूप से प्रेरित झूठ हैं, जिनका मकसद असम की जनता को गुमराह करना है।” उन्होंने घोषणा की कि उनकी पत्नी और वे दोनों पवन खेड़ा के खिलाफ 48 घंटे के अंदर आपराधिक और सिविल मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। “पवन खेड़ा को अपनी लापरवाह और मानहानिकारक टिप्पणियों के लिए पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाएगा।”
सरमा ने न्यायपालिका में पूरा भरोसा जताते हुए कहा, “एक बार अदालत में सच्चाई सामने आ जाएगी, तब पवन खेड़ा को अपने कृत्यों की सजा मिलेगी और कानून अपना काम करेगा।”
दस्तावेजों में कथित विसंगतियां
हिमंता सरमा ने बाद में एक विस्तृत पोस्ट में आरोप लगाए गए दस्तावेजों में “गंभीर विसंगतियां” बताईं, जो जालसाजी या डिजिटल मैनिपुलेशन की ओर इशारा करती हैं। इनमें शामिल हैं:
- सरनेम में गलती — ‘SARMA’ की जगह आधिकारिक ‘SHARMA’ इस्तेमाल किया गया।
- फोटो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध इमेज जैसी लगती है, बायोमेट्रिक कैप्चर नहीं।
- एंटीगुआ एंड बारबुडा पासपोर्ट में एक्सपायरी डेट में प्रिंटेड फील्ड और MRZ के बीच मिसमैच।
- मिस्र के पासपोर्ट में पासपोर्ट नंबर मिसमैच, स्पेलिंग एरर (‘Egyptiann’) और गलत अरबी रेफरेंस।
सरमा ने लिखा, “ये विसंगतियां दस्तावेजों में संभावित जालसाजी या डिजिटल हेरफेर की ओर मजबूती से इशारा करती हैं। सच्चाई जीतेगी। गलत सूचना फैलाने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि पवन खेड़ा का झूठ का अभियान अपने अंत के करीब है। आखिरकार खेड़ा जेल जाएंगे।”यह विवाद असम में 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से ठीक पहले सामने आया है, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।