असम के गायक ज़ुबीन गर्ग की मौत के मामले में सिंगापुर की एक कोर्ट को पुलिस ने बताया कि 19 सितंबर 2025 को ज़ुबीन बहुत ज्यादा नशे में थे और उन्होंने लाइफ जैकेट पहनने से मना कर दिया था। इसके बाद वे यॉट से पानी में कूदे और डूब गए। इसने कहा है कि मौत का कारण डूबना ही था।

सिंगापुर पुलिस के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट डेविड लिम ने कोर्ट में यह गवाही दी। वे पुलिस कोस्ट गार्ड से हैं और इस मामले की जांच करने वाले पहले गवाह थे। कुल 35 गवाहों की गवाही होगी। बुधवार को सिर्फ शुरुआत हुई है। सुनवाई अगले महीने भी चलेगी। यह असम पुलिस द्वारा राज्य में दायर की गई चार्जशीट से अलग है। असम पुलिस की चार्जशीट में चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया था और दावा किया गया था कि ज़ुबीन को शराब पिलाई गई और तैरने के लिए उकसाया गया।

सिंगापुर में क्या हुआ था उस दिन?

ज़ुबीन गर्ग सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के लिए गए थे। वे वहां कल्चरल ब्रांड एम्बेसडर थे। फेस्टिवल से एक दिन पहले 19 सितंबर 2025 को असम एसोसिएशन सिंगापुर के सदस्यों ने एक यॉट पार्टी का आयोजन किया। ज़ुबीन यॉट पर थे। इसी दौरान पानी में डूबने से उनकी मौत की ख़बर आई।

सिंगापुर पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस का कहना है कि ज़ुबीन ने शराब पी थी। यॉट के कैप्टन ने कई बार कहा कि पानी में जाने से पहले लाइफ जैकेट पहन लो। पहले ज़ुबीन ने लाइफ जैकेट पहनी, लेकिन बाद में उतार दी। फिर एक छोटा लाइफ जैकेट दिया गया, लेकिन उन्होंने उसे भी पहनने से मना कर दिया। वे पानी में कूदे और तैरने लगे। कुछ देर बाद वे हिलना बंद कर गए और चेहरा पानी में करके तैरने लगे। दोस्तों ने उन्हें यॉट पर वापस लाने की कोशिश की, लेकिन वे बेहोश हो गए थे। उन्हें सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। ऑटोप्सी रिपोर्ट में पता चला कि उनके खून में 333 मिलीग्राम अल्कोहल प्रति 100 मिलीलीटर था। बता दें कि सिंगापुर में ड्राइविंग के लिए लिमिट 80 मिलीग्राम है, जबकि भारत में 30 मिलीग्राम।

पुलिस ने साफ कहा कि ज़ुबीन में कोई सुसाइड की टेंडेंसी नहीं थी और न ही किसी ने उन्हें जबरदस्ती शराब पिलाई या पानी में धकेला। यानी कोई गलत काम नहीं हुआ।

याट कैप्टन का बयान

याट 'क्रेज़ी मंकी' के कैप्टन ने कोर्ट को बताया कि बोर्डिंग के समय गर्ग को उनके दो दोस्तों का सहारा लेना पड़ा क्योंकि वह ठीक से चल नहीं पा रहे थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा कि कुछ यात्रियों ने बोर्डिंग से पहले ही शराब पीना शुरू कर दिया था और उन्होंने दो बार सुरक्षा को लेकर चेताया था। कैप्टन ने अपने बयान में कहा, 'जब मैंने उन्हें दूसरी बार बिना लाइफ जैकेट के पानी में जाते देखा, तो मैंने उनके दोस्त से कहा कि वह नशे में हैं और अगर वह पानी में जाना चाहते हैं तो उन्हें लाइफ जैकेट पहननी होगी।'

कैप्टन ने आगे बताया कि पानी में गर्ग को उल्टा पड़ा देखकर वह उनकी तरफ तैरकर गए। पुलिस ने कहा कि गवाहों के बयानों से पता चलता है कि गर्ग अपनी मर्ज़ी से पानी में गए थे और उनमें आत्महत्या की कोई प्रवृत्ति नहीं थी।

असम पुलिस की चार्जशीट में उल्टा दावा

असम पुलिस ने पहले एक चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें फेस्टिवल ऑर्गनाइजर श्यामकानु महंता, ज़ुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, संगीतकार शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृतप्रभा महंता पर हत्या का आरोप लगाया था। ज़ुबीन के कजिन संदीपन गर्ग पर आपराधिक हत्या का केस है।

असम पुलिस का दावा है कि इन लोगों ने ज़ुबीन को नशा दिया, बिना लाइफ जैकेट के तैरने के लिए उकसाया और बचाने की पूरी कोशिश नहीं की। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार आज की सुनवाई में मौजूद ज़ुबीन के चाचा मनोज बोर्थाकुर ने कहा कि दोनों जांच अलग-अलग तरीके से हो रही हैं। सिंगापुर की जांच सिर्फ मौत के कारण की पड़ताल कर रही है, कोई क्रिमिनल एंगल नहीं। असम पुलिस पूरे बैकग्राउंड की जांच कर रही है। इसलिए दोनों में अंतर है।
सिंगापुर पुलिस ने पहले भी कहा था कि उनकी जांच में कोई गलत काम नहीं दिखा। यह जांच सिर्फ मौत के कारण और परिस्थितियों को समझने के लिए है, न कि किसी को सजा देने के लिए।