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बिहार : ऑनलाइन रैली में अमित शाह ने की चुनाव अभियान की शुरुआत, गिनाईं सरकार की उपलब्धियाँ

कोरोना महामारी, फैलते संक्रमण और मरने वालों की बढती तादाद के बीच बिहार के राजनीतिक दल अगले चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। राज्य में जनता दल युनाइटेड के साथ साझी सरकार चला रही भारतीय जनता पार्टी ने सियासत के इस शतरंज पर पहली चाल चलने का फ़ैसला कर लिया है।

ऑनलाइन रैली

गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान की शुरुआत रविवार को ऑनलाइन रैली में कर दी, यह इससे पता चलता है कि उन्होंने अपने भाषण में मोदी सरकार के 6 साल की उपलब्धियों का गुणगान किया। उन्होंने विस्तार से यह भी बताया कि किस तरह मोदी सरकार ने प्रवासी मज़दूरों की मदद करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। 
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इस साल नवंबर तक बिहार विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं। अमित शाह की इस रैली को चुनाव प्रचार की शुरुआत के रूप में देखा जा सकता है।
अमित शाह ने इस रैली को 'ग़ैर राजनीतिक' क़रार दिया और कहा कि जो लोग यह कहते हैं कि बीजेपी राजनीतिक रैली कर रहे हैं, वे ख़ुद भी करें, किसने उन्हें रोका है? पर वे लोग तो दिल्ली में मजे कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस रैली के ज़रिए वह कोरोना योद्धा और दूसरे लोगों को उत्साहित करना चाहते हैं कि संकट के समय भी काम किया जा सकता है। 

बूथ स्तर तक 

बिहार के सभी विधानसभा क्षेत्रों के बूथों पर इस रैली का प्रसारण किया गया।  कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पार्टी के सांसदों, विधायकों, प्रदेश पदाधिकारियों, ज़िला प्रभारियों, विधानसभा प्रभारियों और पूर्व प्रत्याशियों को जिम्मेदारी दी गई थी।

पूरी तैयारी

बिहार बीजेपी प्रभारी भूपेंद्र यादव और बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी. एल. संतोष शुक्रवार को ही पटना पहुँच गए ताकि वे इस रैली की तैयारियों का जायजा ले सकें। 
बीजेपी की इस वर्चुअल रैली को सुनने के लिए वॉट्सऐप, फ़ेसबुक, एसएमएस, ट्विटर, टेलीग्राम के ज़रिए वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, ज़िला अध्यक्षों, मंडल अध्यक्षों के साथ ही बूथ अध्यक्षों को रैली का लिंक भेज दिया गया था।
इसके अलावा 'बीजेपी फॉर बिहार लाइव' के माध्यम से 72 हजार बूथों के अलावा 45 ज़िलों के 9547 शक्ति केंद्र, 1099 मंडलों में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अमित शाह का संबोधन सुना। 

विपक्ष भी पीछे नहीं

दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल भी इस मामले में तैयारियों में जुटा है। पार्टी के नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को ही एक पोस्टर जारी किया। इसमें सरकार और मुख्यमंत्री से कई सवाल पूछे गए हैं। 

उन्होंने शनिवार को बर्तन बजा कर विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को चुनौती दी। पार्टी कोरोना से निपटने के सरकार के तौर तरीके और प्रवासी मज़दूरों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। 

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