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मुंगेर में हिंसा, पुलिस वाहनों में आग, 100 हिरासत में

दुर्गा विसर्जन के दौरान बिहार के मुंगेर में हुई पुलिस फायरिंग के बाद एसपी और डीएम का तबादला किए जाने के बावजूद लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। गुरुवार को उत्तेजित भीड़ ने एक बार फिर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस की दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने 100 लोगों को हिरासत में ले लिया है। 
याद दिला दें कि विजय दशमी के दिन दुर्गा विसर्जन के समय मुंगेर में हिंसा हुई, लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, उसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और गोलियाँ चलाईं, जिससे दो लोगों की मौत हो गई। यह एक राजनीतिक मुद्दा बन गया। इसके बाद ज़िला मजिस्ट्रेट राजेश मीना और पुलिस सुपरिटेंडेंड लिपि सिंह का तबादला कर दिया गया।
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तोड़फोड़, आगजनी

पर इससे लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों की एक भीड़ गुरुवार को मुंगेर के बाटा चौक से विरोध प्रदर्शन करने निकली। थोड़ा आगे बढ़ने पर ज़िला मजिस्ट्रेट के दफ़्तर और कोतवाली के बीच इसमें और लोग जुड़ गए। 
इनमें से कुछ लोगों ने सड़क किनारे खड़ी कुछ गाड़ियों से तोड़फोड़ की। इसके बाद उत्तेजित भीड़ ने पूरवसराय थाना के बाहर खड़ी पुलिस की दो गाड़ियों में आग लगा दी। उत्तेजित भीड़ ने मुफ़स्सिल थाने में भी तोड़फोड़ की।

पुलिस कर्मी ज़ख़्मी

उत्तेजित भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश करता पुलिस का एक जवान जख़्मी हो गया। मुंगेर पुलिस ने 100 लोगों को हिरासत में लिया है। नए ज़िला मजिस्ट्रेट और पुलिस सुपरिटेंडेंट के एक-दो दिन में पदभार संभालने की संभावना है।
मुंगेर में हुई हिंसा पर राजनीति हुई तो इस ओर लोगों का ध्यान गया। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने विधानसभा चुनाव के पहले चरण के ही दिन क़ानून व्यवस्था का मुद्दा उठा कर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने मुंगेर में दुर्गा विसर्जन के दौरान हुई गोलीबारी पर पुलिस की तुलना जनरल डायर से कर दी।

राजनीतिक मुद्दा

तेजस्वी यादव ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, 'पुलिस को जनरल डायर बनने की अनुमति किसने दी?' उन्होंने आरोप लगाया कि 'इसके लिए आदेश कहीं न कहीं से आया था।'
तेजस्वी यादव ने सीधे मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को निशाने पर लिया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा, 'नीतीश कुमार तो राज्य के गृहमंत्री हैं, उनको तो इसकी सूचना मिली होगी ना, वो क्या कर रहे हैं? उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी जी जो बीजेपी नेता भी हैं, वह बताएं कि उन्होंने एक ट्वीट के अलावा और क्या किया है।'
इस बीच, चुनाव आयोग ने मगध के कमिश्नर असंगबा चुबा आओ को पूरे मामले की जाँच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

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