नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन करने की ख़बर से बिहार की राजनीति में तहलका मच गया है। नीतीश के बिहार सीएम पद छोड़ने से उनके दल जेडीयू के कार्यकर्ताओं में भारी नाराज़गी है। उन्होंने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन तो किया ही पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ भी की। वे चाहते हैं कि नीतीश सीएम बने रहें। इधर, विपक्ष ने कहा है कि बीजेपी ने नीतीश को हाईजैक कर लिया है और कुछ महीने पहले हुए चुनाव में मिले जनादेश के साथ बड़ा विश्वासघात है।

ये प्रतिक्रियाँ तब आ रही हैं जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है और उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल करने की घोषणा की है। इससे वे बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। नीतीश कुमार ने पिछले कई सालों से बिहार पर राज किया है और रिकॉर्ड 10 बार मुख्यमंत्री बने हैं।

जेडीयू कार्यकर्ताओं का बड़ा हंगामा

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर सुनकर जनता दल यूनाइटेड के कई कार्यकर्ता बेहद नाराज़ हो गए। वे नहीं चाहते कि नीतीश कुमार बिहार छोड़कर दिल्ली चले जाएं। पार्टी कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जमा हो गए। वे नारे लगा रहे थे और गुस्से में आकर संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे। खबरों के मुताबिक, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के आने की उम्मीद थी, इसलिए वहां भोज का इंतजाम था, लेकिन गुस्साए कार्यकर्ताओं ने प्लेटें फेंक दीं और बफे काउंटर को तोड़ दिया।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कार्यकर्ता सड़कों पर भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे चिल्ला-चिल्लाकर नारे लगा रहे हैं। कई कार्यकर्ता मानते हैं कि नीतीश कुमार के बिना पार्टी कमजोर हो जाएगी।

विपक्ष का तीखा हमला

विपक्षी दल इस घटना पर जमकर हमला बोल रहे हैं। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और आरजेडी के तेजस्वी यादव ने कहा, 'भाजपा ने नीतीश कुमार को पूरी तरह हाईजैक कर लिया है।' उन्होंने कहा कि चुनाव में एनडीए ने नारा दिया था '2025 से 30 फिर से नीतीश'। लेकिन अब चुनाव के सिर्फ चार महीने बाद ही नीतीश को हटाया जा रहा है। तेजस्वी ने कहा, "हम शुरू से कहते आ रहे थे कि भाजपा नीतीश को छह महीने भी मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहने देगी। आज वही सच हो गया है। जनता की भावनाएं इसके खिलाफ हैं।"

तेजस्वी ने आगे कहा, "बीजेपी ओबीसी, दलित और आदिवासी विरोधी है। वे ऐसा मुख्यमंत्री नहीं चाहते जो इनकी बात करे। वे तो बस एक 'रबर स्टांप' मुख्यमंत्री चाहते हैं जो उनकी बात मान ले। बीजेपी जिसके साथ भी जाती है, उसे बर्बाद कर देती है। 2024 में जब नीतीश हमारे गठबंधन से अलग हुए थे, तब भी हमने कहा था कि भाजपा जेडीयू को ख़त्म कर देगी। आज वही हो रहा है। नीतीश जी ने बिहार की बहुत सेवा की है, इसके लिए हम उनका धन्यवाद देते हैं।"

तेजस्वी यादव

कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने एक्स पर लिखा, "बिहार चुनाव के दौरान कांग्रेस जो बार-बार कह रही थी, वही सच साबित हो गया है। G2 द्वारा रची साजिश से बिहार में तख्तापलट हो गया है। यह जनता के जनादेश के साथ बड़ा विश्वासघात है।"

राजनीतिक गलियारों में चर्चा

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से जेडीयू और बीजेपी के बीच ताकत का संतुलन बदल जाएगा। जेडीयू अब छोटा भाई बन सकता है। नए मुख्यमंत्री के नाम पर भी चर्चा शुरू हो गई है। कुछ नाम जैसे सम्राट चौधरी आदि सामने आ रहे हैं। नीतीश के बेटे निशांत कुमार के डिप्टी सीएम बनने की भी बात हो रही है।

यह घटना बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है। जनता अब देख रही है कि आगे क्या होता है।