बिहार के जातीय समीकरणों के हिसाब से नीतीश कुमार बीजेपी के लिए एक मजबूरी हैं। अति पिछड़ों और अति दलितों का समर्थन अभी भी नीतीश के साथ है। 2020 के चुनावों में नीतीश के विधायकों की संख्या कम ज़रूर हुई लेकिन नीतीश के समर्थन के बिना बीजेपी 74 सीटें जीतने की उम्मीद नहीं कर सकती है।
नीतीश लंबे समय से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की माँग कर रहे हैं ताकि राज्य के विकास के लिए केंद्र से ज़्यादा आर्थिक सहायता मिल सके। केंद्र अब तक इसके लिए राज़ी नहीं है। बिहार बीजेपी के नेताओं का कहना है कि राज्य को केंद्र से ज़्यादा सहायता अब भी मिल रहा है।