पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन पर सैकड़ों अभ्यर्थियों का कहना था कि स्टेशन पर पर्याप्त ट्रेनें नहीं थीं, जिस ट्रेन का इंतजार कर रहे थे वो भी लेट हो रही थी। ट्रेन आई तो कुछ लोग बार-बार ट्रेन की इमरजेंसी चेन खींच रहे थे। इससे पूरे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।
पाटलिपुत्र स्टेशन पर हंगामा
बिहार एक्साइज कांस्टेबल परीक्षा के लिए जा रहे अभ्यर्थियों के पटना में पाटलिपुत्र स्टेशन पर रविवार को हंगामे से हिंसा भड़क गई। पथराव हुआ और पुलिस को बल का इस्तेमाल करना पड़ा। दरअसल, स्टेशन पर भारी भीड़ जुट गई थी। ट्रेनें अपर्याप्त होने और पहले से चल रही ट्रेनों के लेट होने से ग़ुस्साए अभ्यर्थियों ने ट्रेनें रोकीं, इमरजेंसी चेन खींची और पत्थरबाजी कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। अभ्यर्थी स्पेशल ट्रेन की मांग कर रहे थे। कुछ अभ्यर्थियों को ट्रेन में चढ़ने से भी रोका जा रहा था। इससे पूरे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर अब वायरल हुआ है। एक्स पर एक यूज़र रणविजय सिंह ने हंगामे का वीडियो साझा करते हुए लिखा है कि पटना स्टेशन पर बेरोजगार युवाओं ने भयंकर बवाल काट दिया। उन्होंने तो दावा किया है कि 'पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, हवा में फायरिंग भी की गई। कई पुलिस वाले घायल हुए हैं।'
प्रशासन ने भी हंगामे और बल प्रयोग की पुष्टि की है। पटना डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट डॉ. थियागराजन एस.एम. ने बताया, 'रात में हमें स्टेशन पर हंगामे की सूचना मिली। हम मौके पर पहुंचे और हल्का बल प्रयोग करके भीड़ को हटाया। अब स्थिति पूरी तरह शांत और नियंत्रण में है।'
सेंट्रल रेंज (पटना) आईजी जितेंद्र राणा ने कहा, '200 से 250 छात्र वहां इकट्ठा थे और ट्रेन को जाने नहीं दे रहे थे। जब पुलिस, आरपीएफ और जीआरपी ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो कुछ लोगों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। हमने जान-माल की सुरक्षा के लिए जरूरी कार्रवाई की। अब ट्रेनें सामान्य रूप से चल रही हैं।' द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ सरस्वती चंद्रा ने बताया, 'अभ्यर्थियों की बड़ी भीड़ ने सीमांचल एक्सप्रेस को रोक दिया। पहले से स्पेशल ट्रेन का इंतजाम किया गया था। कटिहार जाने वाली स्पेशल ट्रेन सुबह 2:30 बजे तैयार थी और 5:47 बजे रवाना हुई। दानापुर डिवीजन ने 10 और समस्तीपुर डिवीजन ने 6 स्पेशल ट्रेनें खड़ी रखी थीं। दिनभर कुल 16 स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी है।'
रिपोर्ट के अनुसार चंद्रा ने कहा कि कुछ 'तथाकथित छात्र' और असामाजिक तत्व भीड़ में घुस गए थे, जिन्होंने पत्थरबाजी की। पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। किसी यात्री को चोट नहीं आई। आईजी जितेंद्र राणा ने माना कि कुछ पुलिसकर्मियों पर पत्थर लगे, लेकिन किसी को गंभीर चोट नहीं आई। रेलवे और पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वीडियो की जांच शुरू कर दी है। जो लोग पत्थरबाजी और तोड़-फोड़ में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। हालाँकि, पुलिस या प्रशासन ने यह नहीं बताया कि पुलिस के बल प्रयोग से कितने अभ्यर्थी घायल हुए या फिर कितने अभ्यर्थियों की परीक्षा छूटी।
दावा- पहले से था इंतजाम, हालात क्यों बिगड़े?
रेलवे की तैयारियों के बारे में कहा गया कि दानापुर डिवीज़न ने 10 स्पेशल ट्रेनें स्टैंडबाय पर रखी थीं, जबकि समस्तीपुर डिवीज़न ने छह और ट्रेनों का इंतज़ाम था। रिपोर्ट के अनुसार रेलवे अधिकारियों का कहना है कि उन्हें परीक्षा के कारण बड़ी भीड़ का अंदाजा था। इसलिए पहले से स्पेशल ट्रेनों का ऐलान सोशल मीडिया पर किया गया था। लेकिन कई अभ्यर्थी नियमित ट्रेनों से ही जाना चाहते थे। अभी स्टेशन पर स्थिति पूरी तरह सामान्य है। ट्रेनें अपने समय पर चल रही हैं। प्रशासन के ऐसे दावे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि जब सबकुछ सही ही था तो फिर अभ्यर्थियों की इतनी बड़ी भीड़ कैसे दिखी, उनको ट्रेन में चढ़ने की जगह क्यों नहीं मिल रही थी? सोशल मीडिया पर जो वीडियो आए हैं उसमें तो प्रशासन के दावों से कहीं ज़्यादा भीड़ दीख रही है और उनके दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।स्टेशन पर अफरा-तफरी को लेकर अधिकारी ने असामाजिक तत्वों को ज़िम्मेदार ठहरा दिया। चंद्रा ने कहा, 'हमें पता था कि भारी भीड़ होगी और हमने तुरंत स्पेशल ट्रेन सेवाओं की घोषणा कर दी। हालाँकि, छात्र रेगुलर ट्रेनों से यात्रा करना चाहते थे और कई तो सीमांचल एक्सप्रेस में सवार भी हो चुके थे। ट्रेन में काफ़ी जगह थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ तथाकथित छात्रों ने- जिनमें असामाजिक तत्व भी शामिल हो सकते हैं- गड़बड़ी फैलाने की कोशिश की।'
रेलवे का कहना है कि परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी परीक्षा के बाद वापस आने के लिए भी स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम किया गया है। बहरहाल, इस घटना ने बिहार में बड़ी भर्ती परीक्षा से पहले यात्रा व्यवस्था को लेकर तैयारियों में खामियों को उजागर कर दिया है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है।