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बिहार: प्रशांत किशोर के घर पर चला बुलडोजर, चारदीवारी गिराई

एक ज़माने में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे जाने-माने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बक्सर स्थित घर पर बुलडोजर चला है। यह उनका पुश्तैनी घर है। शुक्रवार को पहुंचे स्थानीय अधिकारियों ने उनके घर की चारदीवारी और मुख्य दरवाज़े को गिरा दिया। 

यह घर राष्ट्रीय राजमार्ग 84 के नजदीक अहिरौली गांव में है। मौक़े पर मौजूद लोगों का कहना है कि स्थानीय अधिकारियों के अमले ने कुछ ही मिनटों में ढहाने की कार्रवाई को अंजाम दे दिया। यह घर किशोर के पिता डॉ. श्रीकांत पांडे ने बनवाया था। 

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एएनआई के मुताबिक़, प्रशासन से जुड़े सूत्रों ने कहा कि प्रशांत किशोर के घर के एक हिस्से को राष्ट्रीय राजमार्ग 84 को चौड़ा करने के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अधिग्रहित कर लिया है। किशोर ने इसके लिए प्राधिकरण से किसी तरह का मुआवज़ा नहीं लिया है। प्राधिकरण ने इसके अलावा भी चौड़ीकरण के रास्ते में आने वाले जितने भी हिस्से का अधिग्रहण किया है, प्रशासन उसे खाली कराने के अभियान में जुटा है और इसी के तहत किशोर के घर पर यह कार्रवाई की गई है। 

हालांकि प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण को इसके पीछे कारण बताया है लेकिन चूंकि प्रशांत एक तरह से बीजेपी-जेडीयू के सियासी विरोधी भी हैं और इससे पहले भी विपक्षी नेताओं और विरोधियों के ख़िलाफ़ केंद्रीय जांच एजेंसियां छापेमारी से लेकर नोटिस देने की कार्रवाईयां कर चुकी हैं, ऐसे में प्रशांत के घर पर की गई इस कार्रवाई को लेकर शंका पैदा होती है। 

 

नीतीश कुमार ने पिछले साल प्रशांत किशोर और वरिष्ठ नेता पवन वर्मा को जेडीयू से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। जेडीयू में नागरिकता संशोधन क़ानून और नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीजंस को लेकर तनातनी चल रही थी और प्रशांत किशोर और पवन वर्मा इस क़ानून के ख़िलाफ़ बयान दे रहे थे। 

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ममता के लिए बना रहे रणनीति 

प्रशांत किशोर इन दिनों पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के लिए चुनावी रणनीति बना रहे हैं। कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘चाय पर चर्चा’ अभियान चलाने वाले प्रशांत किशोर कई दलों के लिए चुनाव रणनीति बनाने का काम कर चुके हैं। 

प्रशांत ने 2015 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी-जेडीयू गठबंधन के लिये चुनावी रणनीति बनाने का काम किया था और जीत दिलाई थी। 2020 के चुनाव में उनके मैदान में उतरने की चर्चा थी लेकिन वह नहीं आए। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के लिये रणनीति बनाने वाले प्रशांत का बतौर चुनावी रणनीतिकार ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है।

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