loader

सुशांत केस: सीबीआई ने रिया चक्रवर्ती व अन्य के ख़िलाफ़ दर्ज की एफ़आईआर

फ़िल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सीबीआई ने गुरूवार को एफ़आईआर दर्ज कर ली है। एफ़आईआर में सुशांत की एक्स गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती और कुछ अन्य लोगों का भी नाम है। यह एफ़आईआर बिहार की नीतीश कुमार सरकार के अनुरोध पर दर्ज की गई है। 

इस मामले में सीबीआई जांच को लेकर दबाव बढ़ने पर बिहार सरकार ने केंद्र सरकार से इसकी सिफ़ारिश की थी और केंद्र ने बुधवार को इसे मंजूरी दे दी थी। सीबीआई ने कहा है कि इस मामले में 6 अभियुक्तों व कुछ अन्य लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है। 

ताज़ा ख़बरें

ईडी ने भेजा नोटिस

रिया चक्रवर्ती की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने सुशांत सिंह की मौत से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले में रिया को नोटिस भेजा है। ईडी ने रिया और उसके कुछ रिश्तेदारों के ख़िलाफ़ सुशांत के पिता की ओर से बिहार पुलिस में दर्ज कराई गई एफ़आईआर के आधार पर केस दर्ज किया है। रिया को 7 अगस्त को ईडी के सामने हाज़िर होना होगा। गुरूवार को ईडी ने सुशांत के ऑफ़िस में काम करने वाले सैमुअल मिरांडा को लगातार दूसरे दिन पूछताछ के लिए बुलाया। 

पिता ने कराई थी एफ़आईआर

सुशांत सिंह के पिता के.के. सिंह ने सुशांत द्वारा आत्महत्या करने के बाद पटना पुलिस में दर्ज शिकायत में रिया चक्रवर्ती, उनके पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती, मां संध्या चक्रवर्ती, भाई सौविक चक्रवर्ती, श्रुति मोदी समेत कुल छह लोगों के ख़िलाफ़ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करवाया था। उन्होंने सात पेज की लंबी-चौड़ी शिकायत पटना के राजीव नगर थाने में अधिकारियों को सौंपी थी, जिसके आधार पर रिया व अन्य के ख़िलाफ़ मामला दर्ज हुआ था। 

सुशांत के पिता ने एफ़आईआर में यह आरोप भी लगाया है कि रिया चक्रवर्ती ने उनके बेटे के बैंक खाते से 15 करोड़ रुपये अवैध तरीक़े से अपने खाते में ट्रांसफ़र करा लिए और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। 

बिहार से और ख़बरें

बिहार सरकार में शामिल बीजेपी के दर्जनों विधायकों, मंत्रियों व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी, बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, सांसद अजय निषाद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। 

दिशा सालियान के पिता भड़के 

इस बीच, सुशांत सिंह राजपूत की एक्स मैनेजर दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान मीडिया पर बुरी तरह भड़क गए हैं। उन्होंने मुंबई पुलिस को ख़त लिखकर कहा है कि उनकी बेटी की मौत कैसे हुई, इसे लेकर मीडिया में झूठी ख़बरें चलाई जा रही हैं। ख़त में उन्होंने लिखा है, ‘दिशा के रेप और मर्डर की ख़बरें मनगढ़ंत हैं और मीडिया का एक वर्ग उनका और उनके परिवार का मानसिक उत्पीड़न कर रहा है। इस तरह की ख़़बरों से लोगों को ग़लत जानकारी देने के साथ ही उनकी बेटी और पूरे परिवार की इमेज ख़राब की जा रही है।’ 

दिशा सालियान ने सुशांत की मौत से 5 दिन पहले आत्महत्या कर ली थी। दिशा की आत्महत्या से सुशांत का नाम जोड़ा जा रहा था। दिशा के बारे में कहा गया था कि वह अपने मंगेतर रोहन रॉय के 14 वीं मंजिल पर स्थित फ़्लैट से नीचे कूद गई थीं। यह भी कहा गया था कि इससे पहले वह किसी पार्टी में गई थीं। 

दिशा की मौत से परेशान थे सुशांत 

मुंबई पुलिस के कमिश्नर परम बीर सिंह ने कुछ दिन पहले कहा था, ‘सुशांत सिंह राजपूत अपनी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत से उनका नाम जोड़े जाने से बहुत परेशान थे। यह पता चला है कि सुशांत गूगल पर सर्च कर रहे थे कि दिशा की मौत को लेकर छपे आर्टिकल्स में उनके बारे में क्या लिखा जा रहा है। उन्होंने आत्महत्या वाली घटना से पहली रात को भी दो घंटे तक इस बारे में गूगल पर सर्च किया था। इसके अलावा उन्होंने पेनलैस डैथ, सिज़ोफ़्रेनिया और बाइपोलर डिसऑर्डर को भी सर्च किया था।’ 

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

बिहार से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें