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लालू का नंबर पब्लिक करने पर ट्विटर ने सुशील मोदी का ट्वीट हटाया 

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के मोबाइल नंबर को सार्वजनिक करने वाले बीजेपी नेता सुशील मोदी के ट्वीट को ट्विटर ने हटा दिया है। पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बुधवार को एक ऑडियो जारी कर बिहार की सियासत में खलबली मचा दी थी। इस ऑडियो में उन्होंने कथित रूप से लालू प्रसाद यादव की आवाज़ होने का दावा किया था। 

उप मुख्यमंत्री का पद पाने से चूके सुशील मोदी ने इस ऑडियो को ट्वीट भी किया था और आरोप लगाया था कि लालू ने एनडीए के एक विधायक को बिहार विधानसभा स्पीकर के चुनाव में महागठबंधन के पक्ष में मतदान करने का लालच दिया है। 

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आरजेडी पर बोला हमला

ऑडियो के सामने आने के बाद पटना से लेकर दिल्ली तक सियासी माहौल बेहद गर्म रहा था। चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी नेताओं के जंगलराज के आरोपों का सामना कर चुकी आरजेडी फिर से निशाने पर आ गयी थी। बीजेपी नेताओं ने कहा कि लालू एनडीए सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं। 

सुशील मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा था कि लालू यादव इस (8051216302) नंबर से रांची से फ़ोन कर रहे हैं और एनडीए के विधायकों को मंत्री पद देने का वादा कर रहे हैं। उन्होंने लिखा था कि जब उन्होंने इस नंबर पर फ़ोन किया तो लालू ने फ़ोन उठाया। उन्होंने लालू से कहा कि वह जेल से इस तरह की हरक़तें न करें, वे अपने इरादों में कभी सफल नहीं होंगे। 

ट्विटर ने कहा है कि उसके प्लेटफ़ॉर्म पर किसी का नंबर सार्वजनिक करना उसके द्वारा बनाए गए नियमों का उल्लंघन है। उसने सुशील मोदी के इस ट्वीट को हटा दिया। 

इस बीच, बुधवार को ही स्पीकर पद के लिए मतदान हुआ। जिसमें बीजेपी के विधायक विजय सिन्हा के पक्ष में 126 जबकि विपक्ष के उम्मीदवार के पक्ष में 114 वोट पड़े। सिन्हा की जीत के बाद सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा कि लालू प्रसाद की साज़िश को एनडीए ने नाकाम कर दिया है। सुशील मोदी लालू के चारा घोटाले को लेकर खुलासे करते रहे हैं और लालू यादव के तीखे आलोचक रहे हैं। 
Sushil Modi Tweet for Lalu yadav viral audio deleted  - Satya Hindi

लालू इन दिनों रांची में हैं और चारा घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत के द्वारा सुनाई गई सजा काट रहे हैं। पिछले कुछ महीनों से उन्हें रिम्स अस्पताल, रांची के निदेशक के बंगले में रखा गया है। 

सुशील मोदी का आरोप है कि लालू ने यह कॉल बीजेपी के विधायक ललन पासवान को की और उनसे स्पीकर के चुनाव में वोटिंग के दौरान गैर हाजिर रहने के लिए कहा। 

कथित रूप से लालू की आवाज़ वाले ऑडियो में एक शख़्स कहते हैं कि लालू जी बात करना चाहते हैं, दूसरी ओर से आवाज़ आती है कि वह विधायक के पीए बोल रहे हैं। इसके बाद कथित रूप से लालू कहते हैं- पासवान जी बधाई। दूसरी ओर से कथित रूप से ललन पासवान कहते हैं, ‘प्रणाम जी, चरण स्पर्श।’ 

आगे लालू कथित रूप से कहते हैं, ‘अच्छा सुनो, हम तुमको आगे बढ़ाएंगे, कल जो स्पीकर का चुनाव है, उसमें हम लोगों का साथ दो। हम तुमको मंत्री बनाएंगे, कल तो हम इसको गिरा देंगे।’ दूसरी ओर से पासवान कहते हैं- हम पार्टी में हैं। 

लालू कथित रूप से कहते हैं- ‘पार्टी में हो तो एबसेंट हो जाओ, कोरोना हो गया था, फिर तो स्पीकर हमारा हो जाएगा तो हम देख लेंगे।’ दूसरी ओर से पासवान संकोच करते हुए कहते हैं कि पार्टी में हैं। लालू कथित रूप से फिर से कहते हैं- एबसेंट हो जाओ। 

आरजेडी ने किया था इनकार 

आरजेडी ने सुशील मोदी के इस दावे को खारिज कर दिया था। पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा था कि इस सरकार ने जुगाड़ करके जनादेश हासिल किया है, इसलिए यह हमेशा ख़तरे में ही रहेगी। तिवारी ने कहा कि सुशील मोदी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं और उन्हें डर है कि यह सरकार कभी भी गिर सकती है। तिवारी ने कहा कि मोदी मूल मुद्दों से भटकाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। 

बिहार के चुनाव नतीजों पर देखिए चर्चा- 

झारखंड सरकार ने दिए जांच के आदेश 

उधर, झारखंड सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। आईजी (जेल) वीरेंद्र भूषण ने पीटीआई-भाषा को बताया कि उन्होंने रांची के उपायुक्त, एसपी और बिरसा मुंडा जेल के अधीक्षक को मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि अगर लालू पर लगे आरोप सही पाए जाते हैं तो वे क़ानूनी कार्रवाई शुरू करें। 

भूषण ने कहा कि उन्होंने ख़ुद भी इस वायरल ऑडियो को सुना है। उन्होंने कहा कि जेल के नियमों के मुताबिक़ न्यायिक हिरासत के दौरान मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है। आईजी (जेल) ने पीटीआई-भाषा से कहा कि आरोप सही पाए जाने पर इस बात की जांच की जाएगी कि लालू के पास मोबाइल फ़ोन कैसे आया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। 

इस मामले में झारखंड हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। याचिका में मांग की गई है कि लालू की बीमारी की जांच की जाए और उन्हें वापस जेल में भेजा जाए। 

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लव जिहाद पर तनातनी 

बिहार में सरकार बने अभी जुमा-जुमा चार दिन ही हुए हैं कि बीजेपी-जेडीयू के बीच खटपट शुरू हो गयी है। सरकार बनते ही अपनी पार्टी जेडीयू के नेता मेवालाल चौधरी का इस्तीफ़ा लेने को मजबूर हुए नीतीश कुमार को बीजेपी के हिंदुवादी फ़ायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने मुसीबत में डाल दिया है। देश भर में बीजेपी शासित कई राज्य सरकारों ने कहा है कि वे लव जिहाद को लेकर क़ानून लाने की तैयारी कर रही हैं। गिरिराज सिंह ने कहा है कि हर राज्य को लव जिहाद पर क़ानून बनाना चाहिए और बिहार इससे अलग नहीं है। 

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