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फ़िल्म ‘मेड इन चाइना’ का एक दृश्य।

फ़िल्म ‘मेड इन चाइना’ जागरूक करने वाली लेकिन कहानी दमदार नहीं

डायरेक्टर- मिखिल मुसाले

फ़िल्म- मेड इन चाइना

स्टार कास्ट- राजकुमार राव, मौनी रॉय, बोमन ईरानी, परेश रावल, गजराज राव, सुमित व्यास, मनोज जोशी, अभिषेक बनर्जी

शैली- कॉमेडी ड्रामा

रेटिंग स्टार- 2.5/5

डायरेक्टर मिखिल मुसाले आज यानी 25 अक्टूबर को फ़िल्म ‘मेड इन चाइना’ लेकर आ रहे हैं। सेक्स प्रॉब्लम्स के बारे में खुल कर बात करने के लिए प्रेरित करने के लिए उन्होंने यह फ़िल्म बनाई है। हम अभी भी कितना मॉडर्न क्यों न हो गए हों लेकिन कभी भी सेक्स लाइफ़ या इससे जुड़ी परेशानी के बारे में किसी से बात करना पसंद नहीं करते। इसी बात को राजकुमार राव व मौनी रॉय स्टारर फ़िल्म ‘मेड इन चाइना’ में समझाया गया है। तो आइये जानते हैं फ़िल्म की कहानी-

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‘मेड इन चाइना’ की कहानी शुरू होती है गुजरात के अहमदाबाद में रहने वाले रघुवीर मेहता (राजकुमार राव) से जो कि बड़े बिज़नेसमैन बनना चाहते हैं और अब तक बिज़नेस के क़रीब 13 आइडियाज़ के साथ कोशिश कर चुके हैं। रघुवीर की सुंदर, तेज़ तर्रार पत्नी हैं रुक्मिणी (मौनी रॉय) जो कि हर हाल में अपने पति का साथ देने के लिए तत्पर रहती हैं। इसके साथ रघुवीर के बड़े पापा (मनोज जोशी) व भाई वनराज (सुमित व्यास) भी घर में हैं। रघुवीर वनराज के साथ काम के सिलसिले में चाइना जाता है और वहाँ रघुवीर को सेक्स में हो रही परेशानियों को दूर करने की दवा, जिसका नाम टाइगर सूप है, का बिज़नेस करने का मौक़ा मिलता है।

रघुवीर को तन्मय शाह (परेश रावल) गाइड करते हैं और सेक्सॉलजिस्ट डॉ. वर्दी (बोमन ईरानी) इस बिज़नेस में उसकी मदद करते हैं। दवाई बेची जाती है। लोग ख़रीदना शुरू करते हैं और साथ ही सेक्स से जुड़ी परेशानियों पर खुलकर बात करने के लिए स्पीच भी दी जाती है। इन सबके बीच रघु की यह दवा पीकर चाइनीज जनरल की मौत हो जाती है। सब कुछ ठीक चलता है, लेकिन अचानक सूप से किसी की मौत हो जाना रघु के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं था। क्या रघुवीर का यह बिज़नेस भी ठप हो जाएगा? या फिर जनरल को सूप पीलाकर मारने के आरोप में रघु जेल चला जाएगा? यह सब जानने के लिए आपको सिनेमाघर में जाकर 25 अक्टूबर को फ़िल्म देखनी होगी।

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कलाकारों की अदाकारी

फ़िल्म ‘मेड इन चाइना’ में राजकुमार राव और बोमन ईरानी ने अपने अभिनय से जान डाल दी है। राजकुमार ने फ़िल्म में अपनी मंझी हुई एक्टिंग से निराश नहीं किया। बोमन ईरानी ने भी अपने डॉक्टर के किरदार में ज़बरदस्त काम किया है। इसके अलावा फ़िल्म की एक्ट्रेस मौनी रॉय अच्छी और खूबसूरत तो दिखीं लेकिन एक्टिंग के मामले में वह अपने किरदार को मजबूत नहीं कर पाईं। ‘मेड इन चाइना’ के बाक़ी किरदार परेश रावल, मनोज जोशी, अभिषेक बनर्जी और अन्य लोगों ने फ़िल्म में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

डायरेक्शन

सेक्स को लेकर जागरूकता फैलाने की डायरेक्टर मिखिल मुसाले की कहानी की प्लॉटिंग थोड़ी कमज़ोर पड़ गई। कहानी और बेहतर हो सकती थी। डायरेक्टर ने कलाकारों का चयन अच्छे तरीक़े से किया है। 

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फ़िल्म ‘मेड इन चाइना’ का एक दृश्य।

फ़िल्म की कमज़ोर कड़ियाँ

इस फ़िल्म की कमज़ोर कड़ियों की बात करें तो कॉन्सेप्ट अच्छा है लेकिन कहानी कमज़ोर हो गई। फ़िल्म को थोड़ा लंबा कर दिया गया है और जो कि आपको थोड़ा बोर कर सकती है। फ़िल्म को पेश अलग तरीक़े से किया गया है लेकिन यह कॉन्सेप्ट नया नहीं है। इस धारणा को लेकर इससे पहले भी कुछ फ़िल्में आ चुकी हैं।

क्यों देखें फ़िल्म

अगर आप राजकुमार राव के बहुत बड़े फैन हैं तो फ़िल्म ज़रूर देखिए और साथ ही सेक्स के प्रति जागरूकता को लेकर इस फ़िल्म को देखा जा सकता है। आप इस फ़िल्म में कई जगहों पर ठहाके मारकर हँसने को मजबूर हो जाएँगे। अगर आप इस हफ़्ते हल्की-फुल्की कॉमेडी वाली फ़िल्म देखना चाहते हैं तो यह फ़िल्म देख सकते हैं।

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