loader

एक्टिंग के साथ फ़िल्म 'सड़क 2' की कहानी भी करती है निराश

फ़िल्म- 'सड़क 2'

निर्देशक- महेश भट्ट

स्टार कास्ट- संजय दत्त, आलिया भट्ट, आदित्य रॉय कपूर, जीशू सेन गुप्ता, मकरंद देशपांडे, गुलशन ग्रोवर, प्रियंका बोस

ओटीटी प्लैटफ़ॉर्म- डिज़्नी प्लस हॉटस्टार

शैली- ड्रामा

रेटिंग- 1.5/5

ओटीटी प्लैटफ़ॉर्म ‘हॉटस्टार’ पर फ़िल्म 'सड़क 2' रिलीज़ हो चुकी है और इसका निर्देशन महेश भट्ट ने किया है। बतौर निर्देशक महेश भट्ट ने करीब 20 साल बाद वापसी की है। फ़िल्म में मुख्य भूमिका  में आलिया भट्ट, संजय दत्त, आदित्य रॉय कपूर, मकरंद देशपांडे और जीशू सेनगुप्ता हैं।
अंधविश्वास एक ऐसा विषय बन गया है कि हर कोई इस पर बात करना चाहता है और अब सिनेमा में भी इस पर कई फ़िल्में बनने लगी है और ऐसा ही कुछ फ़िल्म 'सड़क 2' की कहानी में भी देखने को मिला।
सिनेमा से और खबरें

'सड़क 2' में क्या है?

फ़िल्म शुरू होती है रवि किशोर (संजय दत्त) से जो अपनी मरी हुई पत्नी की याद में ही रहता है और आत्महत्या करने की कोशिश करता है। दूसरी तरफ देसाई ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज की इकलौती वारिस आर्या (आलिया भट्ट) है। उनकी माँ उनके नाम पर पूरी जायदाद लिख गई है, जो कि 21 साल की उम्र होने के बाद ही आर्या के नाम होगी।

पिता योगेश देसाई (जीशू सेन गुप्ता) और सौतेली माँ नंदिनी (प्रियंका बोस) आर्या को मनोचिकित्सक के पास लेकर आते है क्योंकि उनके हिसाब से उनकी दिमागी हालत सही नहीं है। साथ ही उनकी हत्या करने का भी प्लान बन रहा है।
इस हत्या का मास्टरमाइंड एक बाबा (मकरंद देशपांडे) है, जिसकी भक्ति में सभी अंधे है। आर्या अस्पताल से भागकर रवि किशोर के पास पहुंचती है और रवि और अपने ब्वॉयफ्रेंड विशाल (आदित्य रॉय कपूर) के साथ कैलाश के दर्शन के लिए निकल जाती है क्योंकि उसे अपना 21वां जन्मदिन वहाँ मनाना है। किस तरह से आर्या अपने ही घर वालों से बचकर कैलाश तक पहुँचेगी या रास्ते में ही उसकी हत्या हो जायेगी? क्या रवि और आदित्य उसकी मदद कर पायेंगे? बाबा ये सब क्यों करवा रहा है? फ़िल्म ‘सड़क 2’  2 घंटे 14 मिनट की है।

निर्देशन

महेश भट्ट ने क़रीब 20 साल बाद निर्देशक के तौर पर वापसी की है, लेकिन अब तक सिनेमा काफी बदल चुका है और अब लोगों को दमदार कहानियाँ पसंद आती है। फ़िल्म की कहानी ऐसी होनी चाहिये जो बांध सके. लेकिन फ़िल्म 'सड़क 2' में ऐसा कुछ भी नज़र नहीं आता, जिससे दर्शक खुद को जोड़ पाये। फ़िल्म में गानों की बात करें तो वे भी कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाते, जबकि गायक अंकित तिवारी, जीत गांगुली, सुनील जीत, समिध मुखर्जी और उर्वी ने पूरी मेहनत की है।

एक्टिंग

किसी भी फ़िल्म की कहानी कमज़ोर हो, लेकिन अगर उसमें किरदारों का अभिनय शानदार हो तब भी उसे पसंद किया जा सकता है। लेकिन यहाँ भी फ़िल्म 'सड़क 2' मात खा गई। आलिया भट्ट अब तक कई शानदार किरदार निभा चुकी है, लेकिन उनकी एक्टिंग का जादू इस फ़िल्म में नहीं चल सका।

संजय दत्त का अभिनय भी इस फ़िल्म में कुछ ख़ास नहीं रहा। संजय ने अपनी तरफ से पूरी मेहनत करने की कोशिश की है, लेकिन रोल को वह बखूबी नहीं निभा पाये। फिल्म में आदित्य रॉय कपूर के लिए कुछ खास नहीं था, जिसमें उन्हें ज्यादा एक्टिंग करनी पड़ती। उनका जितना रोल था उन्होंने इसे ठीक तरह से निभाया। मकरंद देशपांड और जीशू सेन गुप्ता ने अच्छी एक्टिंग की है। दोनों ही लोगों ने अपने किरदार के साथ पूरा न्याय किया है।

film review: sadak 2 disappoints its viewers  - Satya Hindi
अगर आप संजय दत्त, आलिया भट्ट या आदित्य रॉय कपूर के फैन है तो इस फिल्म को एक बार देख सकते है। फ़िल्म 'सड़क 2' की कहानी काफी कमज़ोर है और यह बाबा के अंधविश्वास से शुरू होकर पैसा और पॉवर के लिए हत्या की साजिश पर पहुँच जाती है। जिससे आप खुद को जोड़ पाने में पूरी तरह से असफल होंगे।
 2 घंटे लंबी यह फ़िल्म काफी बोर करती है और स्टार्स का अभिनय भी फ़िल्म की डूबती नैया को पार नहीं लगा पाता। महेश भट्ट ने पूरी कोशिश की लेकिन दर्शकों के लिए एक अच्छी कहानी परोसने में वह नाकाम रहे हैं।

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

सिनेमा से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें