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केजरीवाल की आबकारी नीति की सीबीआई जाँच क्यों चाहते हैं एलजी?

दिल्ली में आप आदमी पार्टी की अरविंद केजरीवाल सरकार क्या सीबीआई जाँच में फँसेगी? दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार की विवादास्पद नई आबकारी नीति की जाँच एजेंसी केंद्रीय जाँच ब्यूरो से कराने की सिफारिश की है।

सक्सेना ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर एलजी की मंजूरी के बिना लाइसेंसधारियों को लाभ देने का आरोप लगाया। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि आप सरकार ने पंजाब चुनाव के लिए लाइसेंस देने के पैसे का इस्तेमाल किया। एलजी के इस फ़ैसले के बाद उनकी आप सरकार के साथ तनातनी तो बढ़ेगी ही, अब सीबीआई जाँच के आदेश होने पर केजरीवाल की मुश्किलें भी काफी ज़्यादा बढ़ जाएँगी। आप ने आरोप लगाया है कि केंद्र दिल्ली सरकार के काम को रोकना चाहती है।

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नई आबकारी नीति 2021-22 को पिछले साल 17 नवंबर से लागू किया गया था जिसके तहत 32 जोनों में विभाजित शहर भर में 849 दुकानों के लिए निजी बोलीदाताओं को खुदरा लाइसेंस दिए गए थे।

इसी आबकारी नीति को लेकर आरोप लगाया गया है। दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर यानी एलजी के कार्यालय से एक मीडिया विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्य सचिव द्वारा 8 जुलाई को दी गई एक रिपोर्ट से क़ानून के कई उल्लंघनों का पता चलता है। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि शराब लाइसेंसधारियों को टेंडर के बाद अनुचित लाभ देने के लिए जानबूझकर और प्रक्रियात्मक खामियाँ की गई हैं। 

एलजी की विज्ञप्ति में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम लेते हुए उपराज्यपाल ने कहा है कि रिपोर्ट शीर्ष राजनीतिक स्तर पर वित्तीय पक्षपात का संकेत देती है। उपराज्यपाल ने आरोप लगाया कि नई आबकारी नीति को निजी शराब व्यवसायियों को वित्तीय लाभ देने और मनीष सिसोदिया के नेतृत्व वाली सरकार के उच्चतम स्तर पर लाभान्वित करने के एकमात्र उद्देश्य के साथ लागू किया गया था।

एलजी सक्सेना ने सिसोदिया पर निविदाएँ दिए जाने के बाद शराब लाइसेंसधारियों को ग़लत तरीक़े से वित्तीय लाभ देने का भी आरोप लगाया।

दिल्ली सरकार के काम में बाधा डालने की कोशिश: आप 

दिल्ली के उपराज्यपाल के आरोपों पर आप नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि केंद्र दिल्ली सरकार के काम में बाधा डालने के लिए हर तरह की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, 'हम कह रहे थे कि 2016 की स्थिति वापस आ जाएगी, हमें रोकने के लिए सीबीआई, आयकर, ईडी द्वारा पूछताछ शुरू की जाएगी। वे हमारे काम में बाधा डालने के लिए हर तरह की कोशिश कर रहे हैं। वे हमारे स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के बाद उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के पीछे पड़े थे।'

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आप नेता ने आरोप लगाया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बढ़ती प्रतिष्ठा से केंद्र को ख़तरा है। उन्होंने एएनआई को बताया, 'हम कह रहे थे, खासकर पंजाब की जीत के बाद, कि बीजेपी की केंद्र सरकार हमसे डरी हुई है। आने वाले दिनों में कई पूछताछ शुरू की जाएगी।'

दिल्ली के एलजी की इस सिफारिश और आप नेता की प्रतिक्रिया के बाद फिर से एलजी और केजरीवाल की आप के बीच विवाद बढ़ सकता है। वैसे, यह विवाद लगातार बना रहा है। अभी कुछ दिनों से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सिंगापुर में 'वर्ल्ड सिटीज समिट' में जाने का मुद्दा उछला है। केजरीवाल ने इसके लिए मंजूरी मांगी थी लेकिन एलजी ने इसकी अनुमति नहीं दी।

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