दिल्ली के मोती बाग इलाके के सत्य निकेतन में एक इमारत ढह गई है, जिससे कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। दमकल विभाग की 12 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं।
दिल्ली के सत्य निकेतन में एक बिल्डिंग ढही
दिल्ली के मोती बाग इलाके के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर एक इमारत अचानक ढह गई। मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका जताई जा रही है। कम से कम 4 लोग रेस्क्यू किए गए हैं। मौक़े पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। यह इलाका दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास है और यहाँ छात्रों की बड़ी आबादी रहती है।
दमकल विभाग को दोपहर क़रीब 1:35 बजे इस घटना की सूचना मिली। शुरुआत में 8 दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, लेकिन अब 12 दमकल गाड़ियां वहां तैनात हैं। स्लैब और गर्डर हटाने के लिए मौके पर एक एक्सकेवेटर लाया गया है। साइट पर काम कर रही फायर टीमों की मदद के लिए डिजास्टर रिस्पॉन्स टीमों को भी तैनात किया गया है। पुलिस और दमकल की टीमें मलबा हटाकर फंसे लोगों को निकालने में जुटी हुई हैं। सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित है। यहां कई कॉलेज के छात्र किराए के कमरों में रहते हैं।
सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में उस जगह पर लोगों की भारी भीड़ देखी जा सकती है जहाँ इमारत ढही। स्थानीय लोग और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी मलबे में बचे हुए लोगों को निकालने में लगे हुए हैं। ऑनलाइन शेयर किए गए एक वीडियो में, एक व्यक्ति कंक्रीट के स्लैब के नीचे फंसा हुआ दिखा, जबकि कई अन्य लोग उसे उठाने की कोशिश कर रहे थे।
सोशल मीडिया पर साझा की गई एएनआई की एक पोस्ट में एक चश्मदीद का कहना है, 'मेरी दुकान पास ही है। हम उसके अंदर बैठे थे तभी अचानक हमें एक आवाज़ सुनाई दी—जैसे भूकंप की गड़गड़ाहट हो। हम तुरंत बाहर भागे; यहाँ बहुत धुआँ और धूल थी। पूरी इमारत गिर चुकी थी। कुछ शव निकाले गए, और उन्होंने चार बच्चों को भी बचाया जो अभी भी सांस ले रहे थे। ...कम से कम 25-30 बच्चे हैं। यहाँ पास में ही लड़कों का PG और लड़कियों का PG था। 4-5 लोगों को बचाया गया है; 2-3 शव निकाले गए हैं, और और भी शव मिलने की संभावना है।'
सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा है, "RK पुरम के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना से बहुत चिंता है। DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव कार्य कर रही हैं। एहतियात के तौर पर बगल की इमारत को खाली करा लिया गया है। फँसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद पहुँचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है। हालात पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियाँ आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं। हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।'घटना की खबर फैलते ही एनएसयूआई और एआईएसए जैसे छात्र संगठनों के कार्यकर्ता भी मदद के लिए मौके पर पहुंच रहे हैं। अभी तक हताहतों की सटीक संख्या की पुष्टि नहीं हुई है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और आगे की जानकारी का इंतज़ार है।