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गिरफ्तार प्रवीर पुरकायस्थ की फाइल फोटो

न्यूजक्लिक पर दर्ज एफआईआर में विदेशी दुश्मनों से पैसे लेकर साजिश रचने का आरोप 

समाचार वेबसाइट न्यूजक्लिक पर दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा के छापे और दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में दर्ज एफआईआर की कॉपी शुक्रवार को सामने आयी है। न्यूजक्लिक और उससे संबंधित लोगों पर दर्ज एफआईआर में कई पत्रकारों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। 
इस एफआईआर में लिखा गया है कि, चीन से जुड़ी संस्थाओं के साथ कथित संबंधों के लिए समाचार वेबसाइट न्यूजक्लिक की जांच की जा रही है। एफआईआर में न्‍यूजक्लिक पर "भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करने" की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। 
न्यूजक्लिक मामले में दर्ज एफआईआर कहती है कि भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करने, भारत के खिलाफ असंतोष पैदा करने और भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा को खतरे में डालने के मकसद से साजिश के तहत भारत की दुश्मन विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में अवैध रूप से करोड़ों की विदेशी धनराशि का निवेश किया गया है। 
इस एफआईआर में कहा गया है कि विदेशों से मिले ये पैसे पत्रकारों में भी बांटे गए। न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रवीर पुरकायस्थ और उनके सहयोगियों जोसेफ राज, अनूप चक्रवर्ती, बप्पादित्य सिन्हा द्वारा कानूनू रूप से इस विदेशी धनराशि की हेराफेरी की गई। 
एफआईआर के मुताबिक यह पता चला है कि विदेशों से आयी इस धनराशि को तीस्ता सीतवाड़ के सहयोगियों गौतम नवलखा, जावेद आनंद, तमारा, जिब्रान, उर्मिलेश, अरात्रिका हलदर, परंजॉय गुहा ठाकुरता, त्रिना शंकर, अभिसार शर्मा के बीच बांटा गया था। 
न्यूजक्लिक पर दर्ज यह एफआईआर कहती है कि इससे जुड़े लोग वैश्विक और घरेलू स्तर पर भारत की एकता और अखंडता को कमजोर करने के इरादे से काम कर रहे थे। 
इस एफआईआर की कॉपी ऐसे समय में सामने आयी है जब न्यूजक्लिक मामले में आरोपियों के वकीलों ने कोर्ट में एफआईआर की कॉपी नहीं दिए जाने की बात उठाई थी। आरोपियों के वकीलों ने कहा था कि उन्हें इसकी कॉपी दी जाए। उनकी मांग पर पटियाला हाउस कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप कौर ने आदेश दिया था कि इस केस में गिरफ्तार आरोपियों को को एफआईआर की कॉपी दी जाए। 
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हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया 

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और एचआर हेड अमित चक्रवर्ती की गिरफ्तारी का विरोध करने वाली याचिकाओं पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 
लॉ से जुड़े समाचार की वेबसाइट लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रबीर ने अपनी याचिका में पोर्टल पर चीन समर्थक प्रचार के लिए धन प्राप्त करने के आरोपों के बाद दर्ज यूएपीए मामले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। जस्टिस तुषार राव गेडेला ने न्यूज पोर्टल के एचआर हेड अमित चक्रवर्ती की ओर से दायर इसी तरह की याचिका पर भी दिल्ली पुलिस से भी जवाब मांगा और इन याचिकाओं को सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
लाइव लॉ के मुताबिक पुरकायस्थ और चक्रवर्ती ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की ओर से दर्ज यूएपीए एफआईआर के साथ-साथ ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को भी चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 10 अक्टूबर तक सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया था। 
शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान पुरकायस्थ की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि यह गिरफ्तारी अवैध है और उन्हें गिरफ्तारी का कोई आधार नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह दिल्ली हाईकोर्ट के नियमों का उल्लंघन है, जो कहता है कि एक आरोपी वकील का हकदार है।
कपिल सिब्बल ने कहा कि रिमांड आदेश पुरकायस्थ के वकील को सुने बिना और रिमांड आवेदन पर उनकी प्रतिक्रिया पर विचार किए बिना पारित किया गया था। 

तीन अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने न्यूजक्लिक पर मारा था छापा 

दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने तीन अक्टूबर को समाचार वेबसाइट न्यूजक्लिक के दफ्तर और इससे जुड़े लोगों के दर्जनों ठिकानों पर छापा मारा था। दिन भर करीब 46 लोगों से पूछताछ की गई थी। इसमें प्रसिद्ध पत्रकार अभिसार शर्मा, उर्मिलेश, परंजॉय गुहा ठाकुरता, अनिंद्दों चक्रवर्ती आदि शामिल थे। पत्रकारों को शाम में पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। इनसे करीब 25 सवाल पूछे गये थे। 
वहीं दिन भर की पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस ने न्यूजक्लिक के प्रधान संपादक और संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ को गिरफ्तार कर लिया है था। पुलिस ने वेबसाइट के एचआर हेड अमित चक्रवर्ती को भी गिरफ्तार किया था। इन दोनों के खिलाफ यूएपीए को तहत यह कार्रवाई की गई थी। 
छापेमारी के दौरान न्यूजक्लिक से जुड़े पत्रकारों के लैपटॉप और मोबाइल फोन समेत कई दस्तावेजों को भी पुलिस ने जब्त किया था।  
दिल्ली पुलिस ने तीन अक्टूबर को ही यूएपीए कानून के तहत समाचार वेबसाइट न्यूजक्लिक के ऑफिस को सील कर दिया था। इससे पहले न्यूजक्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ को उनके दक्षिणी दिल्ली स्थित कार्यालय ले जाया गया था। जहां एक फॉरेसिंक टीम ने भी जांच की थी। 
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क़मर वहीद नक़वी
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