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केजरीवाल होटल, साप्ताहिक बाज़ार खोल रहे थे, उपराज्यपाल ने रोक दिया

अनलॉक-3 के तहत होटल और साप्ताहिक बाज़ार खोलने के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के फ़ैसले को लेफ़्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल ने शुक्रवार को खारिज कर दिया है। केजरीवाल इसे शनिवार से लागू करने को हरी झंडी दे चुके थे।

दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामले कम होने के बीच केजरीवाल ने अनलॉक-3 के तहत गुरुवार को ये दोनों फ़ैसले लिए थे। इसके तहत शनिवार से बाज़ार खोले जाने थे और साप्ताहिक बाज़ार खोलने का एक हफ़्ते का ट्रायल किया जाना था। दिल्ली सरकार ने गुरुवार को ही होटल, हॉस्पिटैलिटी सेवाओं, स्ट्रीट हॉकरों को संचालित करने की अनुमति दी थी।

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केंद्र के अनलॉक-3 योजना के तहत रात का कर्फ्यू भी हटा लिया गया। इस संबंध में शनिवार को आधिकारिक आदेश आने वाला था, लेकिन उससे पहले ही इस पर लेफ़्टिनेंट गवर्नर ने ब्रेक लगा दिया। अनलॉक-3 कोरोनो वायरस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए लगाई गई पाबंदी को धीरे-धीरे हटाने का तीसरा चरण है। केंद्र सरकार ने ही अनलॉक-3 की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री केजरीवाल के कार्यालय द्वारा गुरुवार को जारी एक बयान में कहा गया था, 'ये फ़ैसले पिछले कुछ दिनों में सीएम अरविंद केजरीवाल द्वारा लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसलों की निरंतरता में हैं जिससे सुनिश्चित किया जा सके कि लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित हुई दिल्ली की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जाए।'

होटलों के बारे में बयान में कहा गया, 'चूँकि दिल्ली के होटल अब अस्पतालों से जुड़े नहीं हैं, इसलिए दिल्ली सरकार ने होटल और आतिथ्य सेवाओं के सामान्य कामकाज की अनुमति देने का भी फ़ैसला किया है, जिसकी केंद्र के अनलॉक दिशा निर्देशों के तहत पहले से ही अनुमति है।'

बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की हाल के दिनों में शहर में कोरोना नियंत्रित करने के लिए जमकर तारीफ़ की गई है। दिल्ली के मॉडल को दूसरे राज्यों में भी लागू करने की बात की जा रही है। 

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केजरीवाल का यह फ़ैसला ऐसे वक़्त पर आया है जब राजधानी में शुक्रवार को 1195 संक्रमण के मामले आए हैं। एक समय तो संक्रमण के मामले हर रोज़ 3500 से भी ज़्यादा आ रहे थे। अब तक दिल्ली में 1 लाख 35 हज़ार से ज़्यादा संक्रमण के मामले आ चुके हैं और 3963 लोगों की मौत हो चुकी है। 

केंद्र सरकार के प्रतिनिधि माने जाने वाले लेफ़्टिनेंट गवर्नर द्वारा केजरीवाल के फ़ैसले को रोकने पर अब फिर से मुख्यमंत्री और लेफ़्टिनेंट गवर्नर के बीच तनाव बढ़ने के आसार हैं। हाल ही में दिल्ली दंगे के मामले में पुलिस की ओर से पैरवी करने के लिए वकीलों की नियुक्ति को लेकर भी दोनों में तनाव बढ़ने के आसार हैं। हालाँकि इन दो ताज़ा मामलों से पहले कई महीने तक मुख्यमंत्री और लेफ़्टिनेंट गवर्नर के बीच संबंध सामान्य लग रहे थे, लेकिन अब फिर से खटपट होने की रिपोर्टें आने लगी हैं। 

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