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गणतंत्र दिवस पर आतंकी हमले की साज़िश का अलर्ट, पीएम की सुरक्षा को ख़तरा!

गणतंत्र दिवस को लेकर खुफिया एजेंसियों ने सुरक्षा की चेतावनी जारी की है। इसने चेतावनी में कहा है कि आतंकवादी हमले की साज़िश के संकते मिले हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि खुफिया एजेंसियों ने जो अलर्ट दिया है उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गणमान्य अतिथियों की जान पर ख़तरे का भी संकेत दिया गया है।

राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस से पहले गाजीपुर की फूल मंडी के पास विस्फोटक आरडीएक्स बरामद होने के बाद से पहले ही अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। दिल्ली पुलिस ने राजपथ और उसके आसपास की सुरक्षा काफ़ी ज़्यादा बढ़ा दी है। क़रीब 300 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और चेहरे की पहचान करने वाले सिस्टम भी लगाए गए हैं।

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अब ताजा खुफिया जानकारी ख़तरे के संकेत देती है। 'इंडिया टुडे' ने खुफिया जानकारी के हवाले से यह रिपोर्ट दी है कि गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और अन्य गणमान्य लोगों को निशाना बनाया जा सकता है। इस रिपोर्ट में उनकी जान पर ख़तरा होने का अलर्ट जारी किया गया है। बता दें कि भारत के 75 वें गणतंत्र दिवस समारोह में पांच मध्य एशियाई देशों - कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उजबेकिस्तान के नेताओं के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने की संभावना है।

रिपोर्ट के अनुसार, अलर्ट में उल्लेख किया गया है कि आतंकवादियों का उद्देश्य उच्च पदस्थ गणमान्य लोगों को निशाना बनाना और सार्वजनिक सभाओं, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और भीड़-भाड़ वाले स्थानों में तोड़फोड़ करना, बाधित करना है। 

अलर्ट में यह भी कहा गया है कि आतंकी ख़तरे के पीछे लश्कर-ए-तैयबा, द रेजिस्टेंस फोर्स, जैश-ए-मोहम्मद, हरकत-उल-मुजाहिदीन और हिज्ब-उल-मुजाहिदीन जैसे आतंकी समूह हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि खुफिया अलर्ट है कि पाकिस्तान स्थित खालिस्तानी समूह भी पंजाब में आतंकवाद को फिर से संगठित करने और पुनर्जीवित करने के लिए कैडरों को जुटा रहे हैं। 

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गणतंत्र दिवस समारोह के लिए इस बार सुरक्षा भी बढ़ी हुई होगी। पुलिस का कहना है कि राजपथ के आसपास 300 कैमरों के साथ चेहरों को पहचान करने वाले सिस्टम लगा दिए गए हैं। इस सिस्टम में 50 हजार संदिग्ध अपराधियों का डेटाबेस है। 

बता दें कि कुछ दिन पहले ही दिल्ली की गाजीपुर फूल मंडी में आईईडी मिला था। इसमें इस्तेमाल विस्फोटक सामग्री के पाकिस्तानी ड्रोन द्वारा पंजाब और जम्मू कश्मीर में गिराई गई खेप का हिस्सा होने का संदेह जताया गया है। इसमें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की भूमिका के संकेत मिलने की बात भी कही गई है।

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