डेरेक ओ ब्रायन ने वेंकैया नायडू को लिखी चिट्ठी में कहा है कि "यह विधेयक 'विधान का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है', जिसका समूचे भारत पर अहम असर होगा, और अगर इसे जल्दबाज़ी में पारित किया गया, तो 'न्याय की निष्फलता होगी।"
"संसद के प्रत्येक सदस्य को अपनी बात कहने का अवसर दिया जाना चाहिए, जब सदन में इस बिल पर चर्चा हो। सदस्यों को इस अवसर से वंचित करना उत्तरादायी शासन के सिद्धांत के विरुद्ध होगा।"
दिल्ली के लेफ़्टिनेंट गर्वनर अनिल बैजल के साथ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल