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ट्रांसपोर्ट हड़ताल: सख़्त नियम का विरोध, हड़ताली उतरे दबंगई पर

सख़्ती का यह कैसा विरोध! सख़्त नियम का विरोध कर रहे हैं और ख़ुद ही सड़कों पर सख़्ती करने उतर गए। कहीं-कहीं तो दबंगई भी। कोई अस्पताल जा रहा था तो ऑटो रोककर बीच रास्ते में उतार दिया। कोई ट्रेन पकड़ने जा रहा था तो वाहनों से बीच रास्ते में ही पैदल भेज दिया। कहीं हंगामा हुआ तो कहीं पर बात बिगड़ते-बिगड़ते बची। लोगों को या तो पैदल चलना पड़ा या फिर किसी तरह वाहन से जा तो पाए लेकिन ऐसे लोगों से ज़्यादा किराया वसूला गया। ओला-उबर से जाना भी महँगा रहा। यही स्थिति पूरे दिल्ली-एनसीआर में है। ऑटो, ओला-उबर बस, ट्रक यानी परिवहन वाले सरकार की सख़्ती से नाराज़ हैं। वे यातायात के नियमों में बढ़े जुर्माने का विरोध कर रहे हैं।

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कई जगहों पर ओला-उबर कैब उपलब्ध नहीं रही। जहाँ मिली भी वहाँ आम दिनों की तुलना में किराया ज़्यादा रहा। ओला-उबर हड़ताल का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन उनका ड्राइवर एसोसिएशन इसका समर्थन कर रहा है। तोड़-फोड़ के डर से भी ओला-उबर की सेवाएँ उतनी नहीं चलीं। नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर टैक्सी और ऑटो चालकों ने सवारी ले जाने वाले वाहनों को ज़बरदस्ती रोक लिया। काफ़ी देर तक हंगामा हुआ। बाद में यात्रियों को गाड़ियों से उतार दिया गया। हड़ताल के दौरान मनमानी करने वाले कुछ लोगों को पुलिस ने पकड़ा भी है। स्कूल के लिए सरकार की ओर से कोई आदेश जारी नहीं हुए, लेकिन बसों की उपलब्धता नहीं होने के कारण कई स्कूल बंद रहे। कार्यालय जाने वालों को भी काफ़ी दिक्कतें आईं।

यातायात नियमों में बदलाव के बाद जुर्माने की बढ़ी रक़म से परिवहन से जुड़े लोग इसके विरोध में हैं। वे चाहते हैं कि इस सख़्त नियम को वापस लिया जाए। वे ऐसा इसलिए चाहते हैं क्योंकि यातायात नियम तोड़ने पर भी कम चालान देना पड़े। निजी तौर पर चलने वाले इन वाहनों के चालक कई बार यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं। ओवरलोडिंग, रेड लाइट जंप करने से लेकर कागज़ात पूरे नहीं होने के कारण उन्हें भारी जुर्माने का डर रहता है। ऐसी शिकायतें आम रही हैं कि यातायात नियम का पालन नहीं करने पर दुर्घटनाएँ हो गईं। 

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बता दें कि नये नियमों के तहत जुर्माना काफ़ी ज़्यादा बढ़ा दिया गया है। बिना हेलमेट के दुपहिया वाहन चलाने पर 500 से 1500 रुपये का जुर्माना किया गया है जो पहले सिर्फ़ 100 से 300 रुपये था। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाते पाए जाने पर 500 की जगह 5000 रुपये देने होंगे। ख़तरनाक ड्राइविंग करने पर अब एक हज़ार की बजाए 5 हज़ार रुपये का चालान किया गया है। 

ड्राइविंग के दौरान फ़ोन पर बात करने पर 1 हज़ार की जगह 5 हज़ार रुपये तक भरने पड़ेंगे। रेड लाइट जंप करने पर पहले जो जुर्माना सिर्फ़ 100 रुपये था अब वह 10 हज़ार रुपया कर दिया गया है। शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माना भी 10 हज़ार हो गया है।

नाबालिग के गाड़ी चलाने पर 25 हज़ार रुपये का जुर्माना, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद्द होगा और नाबालिग का ड्राइविंग लाइसेंस 25 साल की उम्र तक नहीं बनेगा। ग़लत दिशा में ड्राइविंग करने पर अब 1100 के बजाए 5 हज़ार रुपये तक देने होंगे। इमरजेंसी गाड़ियों जैसे एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियों को साइड न देने पर 10 हज़ार रुपये के चालान का प्रावधान है।

देश भर में मोटर व्हीकल एक्ट में हाल ही में संशोधन किया गया है। एक सितंबर को ही नया नियम लागू हुआ है।

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