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कोरोना: क्या अमेरिका, इंग्लैंड चाहते हैं मोदी वैश्विक टास्क फ़ोर्स का नेतृत्व करें?

क्या प्रधानमंत्री मोदी को कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ लड़ाई में वैश्विक स्तर पर किसी टास्क फ़ोर्स का नेता चुना गया है? कम से कम सोशल मीडिया पर तो कुछ लोगों ने ऐसा ही दावा किया है। कई लोग एक ख़बर को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि अमेरिका, इंग्लैंड सहित 18 देश चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी टास्क फ़ोर्स का नेतृत्व करें। इसमें बड़ी संख्या में ट्रोल तो है हीं, कुछ ऐसे लोग भी हैं जो ज़िम्मेदार पद पर बैठे हैं। इसमें महाराष्ट्र बीजेपी के महासचिव अतुल भटखालकर और मणिपुर के मुख्यमंत्री के सलाहकर रजत सेठी जैसे लोग भी हैं। तो इसमें कितनी सचाई है?

दरअसल, वे एक WION न्यूज़ चैनल के एक वीडियो को शेयर करते हुए यह दावा कर रहे हैं। इस दावे की पड़ताल फ़ैक्ट चेक करने वाली वेबसाइट ‘ऑल्ट न्यूज़’ ने की है। इसने अतुल भटखालकर और रजत सेठी के उन ट्वीट की पड़ताल की है जिनमें प्रधानमंत्री मोदी के ऐसे टास्क फ़ोर्स का नेता चुने जाने का दावा किया गया है। अतुल भटखालकर ने लिखा है, ‘अमेरिका, इंग्लैंड सहित 18 देश प्रधानमंत्री मोदी को कोरोना के लिए टास्क फ़ोर्स का नेता बनाना चाहते हैं... भारत के लिए गौरव का क्षण है... हमारे महान नेता को हमें समर्थन करना चाहिए और कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई को हम अवश्य जीतेंगे।'

ऐसा ही दावा रजत सेठी ने किया है, 'प्रधानमंत्री मोदी के अंतर्गत विश्व भर में कोरोना महामारी को नियंत्रित करने के सामूहिक प्रयास के लिए इंटरनेशनल टास्क फ़ोर्स के गठन में भारत विश्व का केंद्र बिंदु बन रहा है। ट्रंप, बॉरिस जॉनसन, स्कॉट मौरिसन जैसे वैश्विक नेता चाहते हैं कि हमारे प्रधानमंत्री इस प्रयास का नेतृत्व करें। यह वास्तव में स्टेट्समैनशिप है।'

लेकिन इसमें सचाई कितनी है? दरअसल ये जिस वीडियो को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं वह WION न्यूज़ चैनल के 15 मार्च की तब की ख़बर है जब प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई के लिए सार्क यानी क्षेत्रीय सहयोग के लिए दक्षिण एशियाई संगठन के सदस्य देशों भारत, अफ़ग़ानिस्तान, बाँग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच सहयोग की बात की थी। तब प्रधानमंत्री मोदी ने इस देशों के बीच सामूहिक प्रयास की बात कही थी और सार्क देशों के लिए एक कोष की घोषणा भी की थी। प्रधानमंत्री मोदी के इस प्रयास की ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड के प्रधानमंत्रियों ने तारीफ़ की थी। 

इसी ख़बर के आधार पर WION न्यूज़ चैनल ने एक ख़बर प्रसारित की थी। इसकी ‘ऑल्ट न्यूज़’ ने पड़ताल की है। WION के वीडियो में एंकर यह नहीं कहती हैं कि पीएम मोदी को अमेरिका, ब्रिटेन और 18 अन्य राष्ट्रों द्वारा कोरोनो वायरस टास्क फ़ोर्स का नेतृत्व करने के लिए चुना गया है। लेकिन वह कहती हैं, ‘भारत एक टास्क फ़ोर्स का ज़िम्मा लेने के लिए एक नेता के रूप में उभरा है क्योंकि पीएम मोदी ने महामारी को रोकने के लिए देशों के बीच एक संयुक्त कार्य योजना के लिए आह्वान किया।’ आगे एंकर कहती हैं, ‘सभी सार्क देशों ने भारत के इस क़दम का स्वागत करते हुए कहा है कि वे नई दिल्ली के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं ताकि घातक बीमारी से निपटने की रणनीति तैयार की जा सके।’ इस बीच, वह विशेष रूप से सार्क के सदस्य देशों- भारत, अफ़ग़ानिस्तान, बाँग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका के बारे में बात करती हैं।

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जहाँ तक ​​दुनिया के अन्य हिस्सों का सवाल है तो एंकर कहती हैं, ‘प्रशंसा केवल दक्षिण एशिया तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि दुनिया के दूसरे हिस्सों के नेताओं ने भी प्रधानमंत्री मोदी से बात की। सबसे पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने मोदी के साथ इस प्रकोप से निपटने के लिए समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रयासों पर चर्चा की। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने प्रधानमंत्री मोदी के जी-20 को आयोजित करने के प्रयासों की सराहना की।’ यह उल्लेखनीय है कि अमेरिका का पूरे शो के दौरान कहीं ज़िक्र नहीं आता है। 

‘ऑल्ट न्यूज़’ के अनुसार, कहीं भी एंकर का दावा नहीं है कि पीएम मोदी को कोरोना वायरस संकट पर वैश्विक टास्क फ़ोर्स का नेतृत्व करने के लिए चुना गया है। एंकर ने प्रधानमंत्री के विश्व के नेताओं के साथ बातचीत के बारे में कहा।

WION ने आगे G20 का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलियाई पीएम मॉरिसन ने G20 के प्रयास पर साथ आने के लिए पीएम मोदी के प्रयासों की सराहना की। फिर चैनल ने मॉरिसन के बयान के वीडियो को चलाया, जिसमें उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री के प्रस्ताव की प्रशंसा की और कहा कि इस मामले का निर्णय इस वर्ष G20 के अध्यक्ष देश सऊदी सरकार द्वारा किया जा सकता है। बता दें कि 26 मार्च को G20 का एक वर्चुअल शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसकी अध्यक्षता सऊदी अरब के किंग ने की थी और इसमें पीएम मोदी सहित सदस्य देशों के नेताओं ने भाग लिया था। G20 देशों ने इस संकट के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों से निपटने के लिए 5 ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त राशि का वादा किया। पीएम मोदी ने न तो जी 20 सम्मेलन का नेतृत्व किया और न ही भारत ने अलग से योगदान दिया है।

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‘ऑल्ट न्यूज़’ का दावा है कि इंग्लैंड ने भी यह प्रस्तावित नहीं किया है कि भारत एक टास्क फ़ोर्स का प्रमुख है। हालाँकि पीएम मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष ने 12 मार्च को एक टेलीफ़ोन पर बातचीत की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों नेताओं ने जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में भारत-ब्रिटेन सहयोग के बारे में बात की और “कोविड-19 महामारी पर विचारों का आदान-प्रदान” किया। भारत संकट से निपटने के लिए रणनीति बनाने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है। हालाँकि, संयुक्त या वैश्विक टास्क फ़ोर्स की कोई रिपोर्ट नहीं है।

यानी कुल मिलाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी टास्क फ़ोर्स की कोई चर्चा ही नहीं हुई है। इसी आधार पर ‘ऑल्ट न्यूज़’ ने दावा किया है कि WION के वीडियो के साथ लोग झूठा दावा कर रहे हैं कि अमेरिका, ब्रिटेन सहित 18 देश चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी कोरोनो वायरस पर एक टास्क फ़ोर्स का नेतृत्व करें। ऐसा कोई प्रस्ताव या पहल नहीं हुई है। ‘ऑल्ट न्यूज़’ ने कहा है कि चैनल ने बढ़ाचढ़ा कर रिपोर्ट पेश की है। बता दें कि WION एक भारतीय समाचार चैनल है जो वैश्विक मामलों को कवर करता है। इसका स्वामित्व ज़ी मीडिया के पास है। इसके प्रधान संपादक सुधीर चौधरी हैं, जो ज़ी न्यूज़ के संपादकीय प्रमुख हैं।

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