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क्या क़र्ज़माफ़ी पर अपने वादे से पलट गए हैं राहुल गाँधी?

किसानों की कर्ज़माफ़ी के मुद्दे पर क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी अपनी बात से पलट गए हैं? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक विडियो में इस बात का दावा किया जा रहा है। बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गाँधी ने सरकार बनने पर 10 दिन में कर्ज़माफ़ी का दावा किया था। आइए, पड़ताल करते हैं कि विडियो में किया गया दावा सच है या झूठ।बीजेपी समर्थक फ़ेसबुक पेज 'मोदीनामा' और 'नेशन विद नमो' की ओर से सोशल मीडिया पर वायरल किए गए इन विडियो में इस बात का दावा किया गया है कि राहुल अपने बयान से पलट गए हैं। इस पोस्ट को 22,000 बार शेयर किया जा चुका है। फ़ेसबुक पेज मोदीनामा के इस सोशल साइट पर 19 लाख फ़ालोवर्स हैं।यह विडियो दो अलग-अलग विडियो क्लिप को जोड़कर बनाया गया है। इसका पहला हिस्सा छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गाँधी के भाषण का है और दूसरा हिस्सा चुनाव के रिज़ल्ट आने के बाद नई दिल्ली में उनकी प्रेस कॉन्फ़्रेंस का है। पहले आप यह विडियो देखें।
आपने सुना कि राहुल कह रहे हैं कि कर्ज़माफ़ी कोई समाधान नहीं है। वे किसानों की बदहाली दूर करने के लिए उपायों पर भी बात करते हैं लेकिन क़र्ज़माफ़ी होगी या नहीं होगी, इस पर कुछ नहीं कहते।वे इस पर कुछ इसलिए नहीं कहते कि क़रीब 26 मिनट लंबी इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में वह इस पर पहले ही बोल चुके थे। मोदीनामा ने वह हिस्सा काट दिया और बाद का हिस्सा दिखा दिया।आप नीचे का विडियो देखें जिसमें वे एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कन्फ़र्म करते हैं कि क़र्ज़माफ़ी का वादा पूरा किया जाएगा। कॉन्फ़्रेंस के शुरू होने के 14 मिनट 32 सेंकंड बाद इस पत्रकार के सवाल में राहुल स्पष्ट कहते हैं कि सरकार बनने के बाद तुरंत बाद हम कर्ज़माफ़ी की प्रक्रिया को शुरू करेंगे। नीचे देखें का विडियो जो इसी पॉइंट पर शुरू होता है।
अब सवाल यह है कि मोदीनामा ने जो विडियो दिखाया है, क्या वह फ़ेक है। नहीं, राहुल ने वह बात भी कही है। दरअसल बाद में जब एक पत्रकार ने पूछा कि क्या कर्ज़माफ़ी चुनाव जीतने का हथकंडा है, तो राहुल कहते हैं कि मैंने चुनाव प्रचार के दौरान भी कहा है कि कर्ज़माफ़ी किसानों की मदद करने के लिए उठाया जाने वाला क़दम है लेकिन यह कोई हल नहीं है। आगे राहुल गाँधी कहते हैं कि किसानों की समस्याओं को हल करना एक कठिन काम होगा और बुनियादी सुविधाएँ जुटा कर और तकनीक के इस्तेमाल से ही उनकी समस्याओं को हल किया जा सकता है। नीचे देखें विडियो जो 22:32 पर ही शुरू होता है जब पत्रकार ने सवाल पूछा और राहुल ने उनको जवाब दिया।
भाजपा समर्थकों ने एक बार फिर अर्धसत्य का सहारा लिया है। उन्होंने 'कर्ज़माफ़ी पर प्रोसेस शुरू करेंगे' वाला हिस्सा नहीं दिखाया और  'यह कोई हल नहीं है' वाला हिस्सा चालाकी से दूसरे विडियो में जोड़ दिया है। हम मानते हैं कि झूठ का सहारा वही लेते हैं जिनके पास सच कहने या दिखाने के लिए कुछ नहीं होता।

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