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क्या सबरीमला मंदिर में घुसने वाली महिलाओं को पुलिस ने छुपा दिया है? 

सबरीमला मंदिर में प्रवेश करने वाली दोनों महिलाओं (बिंदु और कनकदुर्गा) को केरल पुलिस ने हुलिया बदलकर और बाल कटवा कर किसी अनजान जगह पर भेज दिया है। इस दावे के साथ एक पोस्ट सोशल मीडिया पर खू़ब वायरल हो रही है। यह पोस्ट 'वी सपोर्ट नरेंद्र मोदी नाम के फ़ेसबुक पेज पर रेनू जैन नाम के यूजर ने शेयर की है। इस पोस्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि इन दोनों महिलाओं के परिवार वाले भी घर से फ़रार हैं। 

वायरल हो रही पोस्ट में भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिखा गया है कि 'केरल में हिंदू जाग गए हैं, सबरीमला बहुत कुछ कह रहा है, हमें नसीहत दे रहा है, आइए! केरल से कुछ सीखें और हिंदू एकता की शुरुआत करें।' आगे लिखा गया कि 'फिर बोलता हूँ .... वे हिन्दू जो सबरीमला को बचाने के लिए गंभीर नहीं हैं और राम मंदिर की रट लगाए हैं वे वास्तव में किसी भी बात में गंभीर नहीं हैं बल्कि मलेच्छों के संगी साथी हैं।'

वायरल पोस्ट की सच्चाई

वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए सत्य हिंदी ने केरल के अंगड़ीपुरम पुलिस स्टेशन में फ़ोन किया। वहाँ दीनू नाम के एक पुलिस इंस्पेक्टर से बात हुई। दीनू ने वायरल हुई इस पोस्ट को महज अफ़वाह क़रार दिया। वहीं परिवार के फ़रार होने के सवाल पर पुलिस इंस्पेक्टर ने कहा कि उन्होंने कल ही महिलाओं के परिवार से मुलाक़ात की थी, तो फ़रार होने का सवाल ही नहीं उठता। 

इसके अलावा इंडियन एक्सप्रेस की वेबसाइट ने कल यानी कि 4 जनवरी को एक खबर प्रकाशित की थी जिसमें बताया गया है कि सबरीमला मंदिर में प्रवेश करने वाली दोनो महिलाओं ने कल ही केरल के एक टीवी न्यूज चैनल मनोरमा को इंटरव्यू दिया था।
sabarimala temple bindu and kanakdurga absconded fake post viral on social media  - Satya Hindi
इंडियन एक्सप्रेस पर प्रकाशित हुई ख़बर
जिसमें उन्होंने कहा था कि मंदिर में प्रवेश करना हमारा ख़ुद का फ़ैसला था। हमारी पड़ताल में 'वी सपोर्ट नरेंद्र मोदी' फे़सुबक पेज पर वायरल हो रही ये पोस्ट पूरी तरह फ़र्जी साबित हुई। 

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