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प्रतीकात्मक तसवीर।

लॉकडाउन: सूरत में मजदूरों का हंगामा, घर जाने देने की मांग

लॉकडाउन के दौरान भी काम कराए जाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को गुजरात के सूरत में प्रवासी मजदूरों ने जमकर बवाल किया। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, मजदूरों ने डायमंड बोर्स कंपनी के दफ़्तर पर पत्थर फेंके। उन्होंने मांग की कि उन्हें उनके घर वापस भेजा जाए। 

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कुछ दिन पहले भी प्रवासी मजदूरों ने सूरत में जोरदार हंगामा किया था। सूरत के लस्काना में स्थित डायमंड नगर इंडस्ट्रियल एरिया की फ़ैक्ट्रियों में काम करने वाले इन मजदूरों की मांग थी कि उन्हें उनके घर भेजा जाए। तब मजदूरों ने लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए सड़कों को जाम कर दिया था और आगजनी की थी।

सूरत के अलावा मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर भी हज़ारों की संख्या में मजदूर इकट्ठा हो गये थे और उनकी भी यही मांग थी कि उन्हें उनके घर भेजने की व्यवस्था की जाए।

लॉकडाउन के चलते बड़ी संख्या में मजदूर महानगरों में फंस गए हैं। क्योंकि लॉकडाउन के बाद काम-धंधा चौपट हो चुका है और मजदूरों के लिए गुजर-बसर करना बेहद मुश्किल हो गया है। इन प्रवासी मजदूरों के पास न पैसे हैं और न ही राशन। ये लोग सोशल मीडिया पर लगातार अपना दर्द बयां कर रहे हैं। ऐसे में इनकी मांग है कि कुछ भी इंतजाम करके इन्हें इनके घरों तक भेज दिया जाये। 

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प्रवासी मजदूरों की इस मांग को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इन्हें वापस लाने का फ़ैसला किया है। महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने भी उनके राज्य में फंसे मजदूरों को वापस भेजने के लिए 6 राज्य सरकारों से बात की है। लॉकडाउन के लगातार बढ़ने के कारण मजदूर बेहद परेशान हैं। 
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क़मर वहीद नक़वी
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