यह उपचुनाव बीजेपी-जेजेपी के लिए प्रतिष्ठा का विषय है। लेकिन किसान आंदोलन को लेकर जिस तरह के हालात हरियाणा में हैं, उसमें बीजेपी-जेजेपी का इस उपचुनाव को जीतना बेहद मुश्किल दिखता है।
किसान आंदोलन को लेकर जितना दबाव बीजेपी पर है, उतना ही उसके सहयोगी दलों पर। जैसे-जैसे किसान आंदोलन आगे बढ़ता गया, बीजेपी के सहयोगी उसे छोड़ते गए, जो बचे हैं, वे जबरदस्त दबाव में हैं।