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पत्रकार हत्याकांड में राम रहीम दोषी क़रार, सजा 17 जनवरी को

पत्रकार छत्रपति की हत्या के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी क़रार दिया गया है। इस मामले में कोर्ट सजा 17 जनवरी को सुनाएगी। पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रमुख को विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए फ़ैसला सुनाया। इम मामले में सभी चार आरोपियों को दोषी ठहराया गया है। इममें राम रहीम के अलावा निर्मल, कुलदीप और कृष्ण लाल शामिल हैं। फ़िलहाल गुरमीत राम रहीम दो साध्वियों से यौन शोषण मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल की सजा काट रहा है। 

फ़ैसला पंचकूला के विशेष सीबीआई जज जगदीप सिंह ने सुनाया। उन्होंने ही साध्वी यौन शोषण मामले में राम रहीम को सजा सुनाई थी। साध्वी यौन शोषण मामले में जब राम रहीम को दोषी क़रार दिया गया था तो पंचकूला समेत कई जगहों पर दंगे, आगजनी और तोड़फोड़ हुई थी। इसी को देखते हुए पत्रकार हत्या मामले की सुनवाई के दौरान कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था की गई। सिरसा में हरियाणा पुलिस की 12 कंपनियाँ तैनात की गईं। इसके अलावा 10 डीएसपी, 12 इंस्पेक्टर लगाए गए। डेरे में सभी गतिविधियाँ बंद की गईं, उन्हें आदेश दिए गए  कि डेरे का विडियो बनाया जाए।

साध्वी यौन शोषण मामले का किया था खुलासा

रामचंद्र के ज़रिए ही यौन शोषण मामला सामने आया था। साध्वी यौन शोषण मामले में जो पत्र लिखे गए थे, उन्हीं के आधार पर रामचंद्र छत्रपति ने अपने अखबार में ख़बरें प्रकाशित की थीं। इस मामले में छत्रपति पर पहले दबाव बनाया गया। लेकिन जब वह धमकियों के आगे नहीं झुके तो 24 अक्टूबर 2002 को उन पर हमला कर दिया गया। 21 नवंबर 2002 को उनकी मौत हो गई।

16 साल बाद आया फ़ैसला

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड क़रीब 16 साल पुराना है। 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। छत्रपति के परिजनों ने मामला दर्ज़ करवाया था। सीबीआई ने मामले में 2007 में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। छत्रपति ने डेरा से जुड़ी कई ख़बरें प्रकाशित की थीं। पत्रकार छत्रपति के परिजनों ने मामला दर्ज करवाया था।

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