कोरोना वायरस से संक्रमित होने का ही खौफ कितना ज़्यादा है! क्या हो जब अस्पतालों में भर्ती होने वाले ऐसे 48 फ़ीसदी लोगों में मानसिक दिक्कतें आएँ? क्या सरकार ऐसी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है?
अधिकतर मरीजों में दिखा कि उन्हें पछतावा है और उनमें ग़ुस्सा है। उनमें अकेलापन, बेबसी, डिप्रेशन, अत्यधिक चिंता, फ़ोबिया यानी डर, चिड़चिड़ापन, नींद नहीं आना और पैनिक अटैक की भी समस्याएँ आईं। कोरोना के गंभीर मरीजों में तो बेहोश होने जैसी दिक्कतें भी आईं।