दिल्ली में प्रोटेस्ट के लिए आमतौर पर प्रदर्शन से कम से कम 7 दिन पहले पुलिस को आवेदन देना पड़ता है। NEET पेपर लीक पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन के लिए CJP ने अब तक ऐसा कुछ नहीं किया है।
कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर प्रोटेस्ट की घोषणा और तैयारी तो कर ली, लेकिन पुलिस से इसके लिए अनुमति नहीं ली है। नियम है कि प्रदर्शन के दिन से सात दिन पहले ही अनुमति के लिए आवदेन करना होता है। छह जून को प्रोटेस्ट है तो अब इसके लिए समय भी नहीं है। तो क्या पुलिस अब प्रोटेस्ट के लिए अनुमति देगी? अनुमति नहीं मिली तो फिर कॉकरोच जनता पार्टी क्या करेगी? आख़िर इस प्रोटेस्ट के लिए उनकी योजना क्या है?
इन सवालों पर कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने बयान जारी किया है। पार्टी ने क्या बयान दिया है, यह जानने से पहले पूरे मुद्दे को समझ लें। नेट परीक्षा पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अभिजीत दीपके की CJP 6 जून को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने जा रही है। लेकिन प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही इसमें अड़चन आ गई है। यह अड़चन CJP द्वारा अब तक पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति नहीं लेने को लेकर है। प्रोटेस्ट से सात दिन पहले अनुमति लेने का नियम होने के बावजूद CJP ने फैसला किया है कि अभिजीत दीपके 6 जून को खुद दिल्ली पहुंचकर पुलिस से अनुमति लेंगे।
प्रोटेस्ट के लिए पुलिस अनुमति क्यों ज़रूरी?
संविधान के अनुच्छेद 19 में शांतिपूर्ण सभा करने का अधिकार दिया गया है। लेकिन व्यवस्था बनाए रखने, ट्रैफिक व्यवस्था और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए पुलिस से अनुमति यानी एनओसी लेना ज़रूरी होता है। दिल्ली में प्रदर्शन के लिए आवेदन आमतौर पर 7 दिन पहले करना पड़ता है। अगर अनुमति नहीं दी जाती है तो पुलिस को कारण बताना होता है।
देरी का कारण क्या?
कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के नए प्रवक्ता विजेता दहिया ने एचटी को बताया, 'लोगों की भावना इस प्रदर्शन को चला रही है। फिलहाल लोग अभिजीत दीपके से बहुत जुड़े हुए हैं। इसलिए हमने तय किया है कि अभिजीत खुद 6 जून को पुलिस से व्यक्तिगत रूप से अनुमति लेंगे।' प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि प्रशासन शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दे देगा।अभिजीत दीपके अमेरिका से लौट रहे हैं
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके अमेरिका से 6 जून को सुबह दिल्ली आ रहे हैं। उन्होंने अपने समर्थकों को वीडियो संदेश में कहा, 'एयरपोर्ट पर मुझसे मिलो।' सुबह 8 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक और अन्य समर्थक उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद पूरा दल सीधे संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएगा और जंतर मंतर पर प्रदर्शन की औपचारिक अनुमति मांगेगा।प्रदर्शन का मकसद शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगना
सीजेपी का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक होगा। इसमें केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जाएगी। सीजेपी का आरोप है कि मंत्री NEET पेपर लीक को रोकने में नाकाम रहे और इसके बाद जवाबदेही भी तय नहीं की गई।
सोनम वांगचुक कॉकरोच पार्टी के समर्थन में
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन दिया है। सोनम वांगचुक ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर कहा था, 'मैंने पहले अपनी पोस्ट में कॉकरोचों से पूछा था कि वे मुझे साबित करें कि यह कॉकरोच जनता पार्टी भारतीय युवाओं की आवाज है, न कि किसी विदेशी साजिश का हिस्सा।' मोदी सरकार द्वारा एनएसए के तहत हिरासत से रिहा किए जाने के बाद पहली बार मोदी सरकार के ख़िलाफ़ किसी विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने की वांगचुक ने घोषणा की है।वांगचुक ने बताया कि CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके उनसे संपर्क में आए और उन्होंने अपना पूरा डेटा शेयर किया। उन्होंने कहा है कि दीपके से बात करने के बाद मुझे विश्वास हो गया कि यह आंदोलन पूरी तरह देशभक्तिपूर्ण है और ये लोग देश को बेहतर बनाने के लिए त्याग कर रहे हैं।
मेरे लिए यह बहुत बड़ा मुद्दा: वांगचुक
सोनम वांगचुक ने कहा, '6 जून को शनिवार के दिन वे दिल्ली बुला रहे हैं ताकि हम शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर सकें। आपके लिए वजहें नीट पेपर लीक, CUET या CBSE की समस्याएँ हो सकती हैं, लेकिन मेरे लिए यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है।' वांगचुक ने बताया कि उन्होंने इंजीनियरिंग पूरा करने के बाद पिछले 40 साल से शिक्षा के क्षेत्र में काम किया है। उन्होंने कहा, 'जब मैंने देखा कि कुछ भी नहीं बदल रहा है तो मुझे निराशा हुई और लगा कि कुछ करना ज़रूरी है।'मोदी सरकार ने वांगचुक को डाला था जेल में
लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण एक्टिविस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को केंद्र सरकार ने एनएसए के तहत जेल में डाला था। कई महीनों तक हिरासत में रखने के बाद मार्च महीने में उन्हें रिहा किया गया है। गृह मंत्रालय ने रिहाई को लेकर एक बयान में कहा था कि लद्दाख में शांति, स्थिरता और पारस्परिक विश्वास का माहौल बनाने तथा सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ सार्थक संवाद को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता के तहत यह कदम उठाया गया है।
सोनम वांगचुक को सितंबर 2025 में लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद एनएसए के तहत हिरासत में लिया गया था। इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हो गई थी। केंद्र ने उन पर नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों में हुए विरोध प्रदर्शनों का हवाला देकर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था।
हिरासत के बाद उन्हें राजस्थान के जोधपुर सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। वांगचुक को हिरासत में रखने के लिए मोदी सरकार की काफी आलोचना हुई थी। हिरासत से रिहा होने के बाद पहली बार मोदी सरकार के किसी विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने की उन्होंने घोषणा की है।
सीजेपी आगे क्या करेगी?
बहरहाल, सीजेपी ने भरोसा जताया है कि 6 जून को अनुमति मिल जाएगी और प्रदर्शन बिना किसी बाधा के होगा। अभिजीत दीपके के एयरपोर्ट पहुंचने के बाद स्थिति साफ हो जाएगी। यह प्रदर्शन NEET पेपर लीक मामले में बढ़ते गुस्से को दिखाता है। युवा और छात्रों के बीच इस मुद्दे पर काफी आक्रोश है। अब देखना है कि दिल्ली पुलिस सीजेपी को जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देती है या नहीं, और इसके बाद सीजेपी क्या करती है।