कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने चेतावनी दी है कि अगर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 7 दिनों में इस्तीफा नहीं दिया, तो देशव्यापी आंदोलन होगा। Cockroach Janta Party (CJP) founder Abhijeet Dipke warned countrywide agitation if Education Minister not resign within 7 days.
दिल्ली में सीजेपी का प्रदर्शन, यह फोटो अभिजीत दिपके ने 7 जून को पोस्ट किया है
दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन करने के एक दिन बाद, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अगले सात दिनों के भीतर उनके पद से नहीं हटाया गया या उन्होंने खुद इस्तीफा नहीं दिया, तो देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रदर्शन के बाद रविवार को अभिजीत दिपके ने एक्स पर अपना बयान जारी किया। दिपके ने आंदोलन में शामिल होने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया और इसे एक "ऐतिहासिक" और शांतिपूर्ण आंदोलन बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले कई युवा ऐसे थे जो अपनी जिंदगी में पहली बार शिक्षा व्यवस्था के प्रति अपना गुस्सा और हताशा जाहिर करने सड़कों पर उतरे थे।
कॉकरोच जनता पार्टी की आगे की रणनीति क्या है
दिपके ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, "यह मामला यहीं खत्म नहीं होगा। धर्मेंद्र प्रधान ने हमारी पूरी एक पीढ़ी के साथ गलत किया है। अगर उन्हें अगले 7 दिनों के भीतर नहीं हटाया गया या उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया, तो हम जमीन पर अपना प्रदर्शन और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।" दिपके ने यह भी बताया कि वह इस मुद्दे पर आगे की रणनीति साझा करने के लिए शाम को इंस्टाग्राम लाइव के जरिए लोगों को संबोधित करेंगे।
क्या पूरे देश में फैलेगी सीजेपी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत की एक टिप्पणी के खिलाफ सोशल मीडिया पर भड़के गुस्से के बाद एक ऑनलाइन अभियान के रूप में हुई थी। महज कुछ ही हफ्तों के भीतर इस संगठन ने इंस्टाग्राम पर 2.2 करोड़ (22 मिलियन) से अधिक फॉलोअर्स जुटा लिए। संगठन ने अब साफ कर दिया है कि यह तो सिर्फ एक शुरुआत है। अगर सरकार ने तय समय सीमा के भीतर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह आंदोलन दिल्ली से निकलकर पूरे देश में फैल जाएगा।
अभिजीत दिपके ने कहा कि देश का युवा अब चुप बैठने वाला नहीं है। दिल्ली विरोध प्रदर्शन का आह्वान करने वाले दिपके शनिवार सुबह ही अमेरिका से दिल्ली लौटे थे और दिल्ली पुलिस से जरूरी अनुमति मिलने के बाद सीधे जंतर-मंतर पहुंचे। कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि दिपके जब एयरपोर्ट पर उतरे तो उन्होंने वहीं दिल्ली पुलिस से जंतर मंतर प्रदर्शन की अनुमति मांगी। दिल्ली पुलिस ने उन्हें फौरन ही अनुमति दे दी।
उन्होंने अपने परिवार और युवाओं की सुरक्षा के माहौल पर बात करते हुए कहा, "यह सिर्फ मेरी मां का डर नहीं है, यह राजनीति पर बात करने वाले हर उस युवा के माता-पिता का डर है... हम कब तक डर के साए में जिएंगे? उन्हें बता दो, हम डरने वाले नहीं हैं।"
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिपके ने कहा कि यह संघर्ष लंबा है। उन्होंने आरोप लगाया, "हमें सोशल मीडिया पर प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एक महीना हो चुका है, लेकिन ये लोग इतने बेशर्म हैं कि कार्रवाई करने के बजाय हमारा ध्यान भटकाने में लगे हैं। हमारे अकाउंट्स हैक किए जा रहे हैं और पोस्ट डिलीट की जा रही हैं। आप हमारे पोस्ट डिलीट कर सकते हैं, लेकिन इस लड़ाई से हमारा वजूद नहीं मिटा सकते।"
फिलहाल, CJP के इस प्रदर्शन और 7 दिनों के अल्टीमेटम ने शिक्षा मंत्रालय और सरकार के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है।