नीट-यूजी पेपर लीक आंदोलन का नेतृत्व करने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने विदेश में अपनी पढ़ाई पर हुए खर्च पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया है। दिपके ने कहा है कि वह अपनी शिक्षा से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपनी डिग्री सार्वजनिक करनी चाहिए।
दिपके ने सोमवार 3 अगस्त को सोशल मीडिया पर वीडियो बयान जारी किया। जिसमें वो कह रहे हैं कि मैं एजुकेशन लोन और स्कॉलरशिप के कागज़ात दिखाने को तैयार हूं लेकिन पीएम मोदी जी से भी अनुरोध है कि अपनी डिग्री दिखाएं।

शिक्षा के खर्च पर जांच से नहीं घबराते

हाल ही में सूरत के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने दिपके के पिता की आय और उनके बेटे की विदेश में पढ़ाई के खर्च की जांच की मांग की थी। दिपके के पिता एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए 30 वर्षीय दिपके ने कहा कि जिन्हें जांच करानी है, वे स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पढ़ाई का बड़ा हिस्सा बोस्टन यूनिवर्सिटी से मिली स्कॉलरशिप से पूरा हुआ और बाकी राशि के लिए उन्होंने शिक्षा ऋण लिया था।
  • उन्होंने कहा, "मुझे बोस्टन यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप मिली थी। बाकी रकम के लिए मैंने एजुकेशन लोन लिया, जिसे अभी भी चुकाना है। हमारी लड़ाई व्यक्तिगत नहीं है।"
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दिपके ने अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की है। जून में भारत लौटने के बाद उन्होंने नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया।

नीट आंदोलन और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

दिपके के नेतृत्व में शुरू हुए आंदोलन में देशभर के युवाओं ने भाग लिया। आंदोलन की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रणाली में सुधार और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल था। यह आंदोलन देशभर के जेन-ज़ेड युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ और पिछले सप्ताह धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इसे बड़ी राजनीतिक सफलता के रूप में देखा गया।
हालांकि, आंदोलन के दौरान दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बिहार समेत कई शहरों में प्रदर्शन हिंसक हो गए थे। पुलिस ने कई छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे।

छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग

दिपके ने उम्मीद जताई कि महाराष्ट्र सरकार छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज पुलिस मामलों को वापस लेगी। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र हमेशा अपनी प्रगतिशील विरासत के कारण देश का नेतृत्व करता रहा है। मुझे उम्मीद है कि राज्य सरकार किसी भी छात्र को परेशान नहीं करेगी। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया, वे सिर्फ अपने भविष्य के लिए लड़ रहे थे।"

नोएडा की छात्रा पर भी बोले दिपके

जंतर मंतर आंदोलन के दौरान 15 वर्षीय छात्रा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में भी दिपके ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी नाबालिग की टिप्पणी को आपराधिक मामला बनाना उचित नहीं है। दिपके ने कहा, "अगर 15 साल की बच्ची के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना और पूरी सरकारी मशीनरी लगा देना ही पैमाना है, तो राजनीतिक नेताओं और आईटी सेल के सदस्यों पर भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।"
उन्होंने भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी के संसद में दिए गए विवादित बयान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों का भी उल्लेख किया। दिपके ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने भाषण में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए "50 करोड़ की गर्लफ्रेंड" वाले बयान तथा सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा और धमकियां देने वाले भाजपा आईटी सेल के सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

शिक्षा आम लोगों की पहुंच से बाहर

दिपके ने दावा किया कि भारत में शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है और आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि हालिया आंदोलन के बाद उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है तथा कॉकरोच जनता पार्टी अपनी टीम का विस्तार करेगी ताकि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर आगे भी संघर्ष जारी रखा जा सके।