जंतर-मंतर पर पीएम मोदी को कथित तौर पर गालियां देने वाले छात्रों को माफ करने वाले इंस्टाग्राम वीडियो पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने सवाल उठाए हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस हालिया इंस्टाग्राम वीडियो पर सवाल उठाए हैं, जिसमें पीएम ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान अपने और अपनी दिवंगत माताजी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले छात्रों को 'माफ' करने की बात कही थी। दीपके ने पीएम मोदी के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए पूछा है कि क्या यह संदेश सिर्फ कैमरे के लिए है या सरकार वास्तव में उन छात्रों पर दर्ज एफआईआर (FIR) वापस लेगी।
'रील पर माफ करोगे या केस भी वापस लोगे?'
अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री के आधिकारिक इंस्टाग्राम पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए लिखा: "सिर्फ रील पर ही माफ करोगे या केस भी वापस लोगे?" दीपके का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली पुलिस ने 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में एक 25 वर्षीय युवती के खिलाफ मामला (FIR) दर्ज किया था।मामला दर्ज होने के बाद संबंधित युवती का एक वीडियो संदेश सामने आया था, जिसमें उसने अपने बयानों के लिए पूरे देश से माफी मांगी थी। युवती ने कहा था कि वह कुछ लोगों के बहकावे में आ गई थी और यह उसकी "पहली और आखिरी गलती" थी।
'क्या देश में दो कानून चल रहे हैं,' दीपके ने पूछा
इससे पहले सामाजिक प्लेटफॉर्म 'X' पर सीजेपी द्वारा शेयर किए गए एक अन्य वीडियो में अभिजीत दीपके ने सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया और पूछा कि क्या देश में दो तरह के कानून लागू हैं। दीपके के प्रमुख सवाल और तर्क: बीजेपी आईटी सेल पर सवाल: दीपके ने पूछा, "अगर गालियां देने पर मामला दर्ज किया जा रहा है, तो बीजेपी के आईटी सेल के उन लोगों के खिलाफ केस कब दर्ज होगा जो सालों से इंटरनेट पर महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं?"उन्होंने पूर्व में हुए विवादों का जिक्र करते हुए बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी द्वारा संसद में अन्य सांसद के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक पुराने कथित वीडियो का उदाहरण दिया।
पीएम मोदी ने वीडियो में क्या कहा था?
अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किए गए वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदर्शनकारियों द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा पर दुख व्यक्त किया था, लेकिन साथ ही लोगों से उन्हें सजा देने के बजाय उनका मार्गदर्शन करने की अपील की थी। पीएम मोदी ने वीडियो कैप्शन में लिखा, "गालियां कभी किसी समस्या का समाधान नहीं करतीं। आइए भटके हुए लोगों का मार्गदर्शन करें। मिलकर काम करें और भारत के लिए काम करें।"सजा के खिलाफ अपील: प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं को कानूनी पचड़ों और अदालतों के चक्कर में फंसाने के बजाय सही रास्ते पर लाना समाज का कर्तव्य है। उन्होंने कहा, "ये भटके हुए बच्चे हैं। इन्हें सजा देकर, अदालतों के चक्कर कटवाकर या समाज में परेशान करके हम स्थितियां नहीं बदल सकते। समाज इन्हें माफ कर दे।"
'मैं सिर्फ 15 साल की हूं, यह मेरी पहली और आखिरी गलती'
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में नामजद युवती ने एक वायरल वीडियो संदेश जारी कर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी है। एफआईआर (FIR) में जहां आरोपी की उम्र 25 वर्ष दर्ज की गई है, वहीं वायरल हुए वीडियो संदेश में लड़की ने दावा किया है कि वह केवल 15 साल की है। उसने इस घटना को अपनी "पहली और आखिरी गलती" बताते हुए कहा कि वह कुछ लोगों के बहकावे में आ गई थी।
'खुद से नजरें नहीं मिला पा रही, पूरे देश से माफी मांगती हूं'
NDTV, इंडिया टुडे सहित कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो संदेश में लड़की ने बेहद भावुक होकर कहा: "मैं प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों के बहकावे में आ गई थी और मैंने प्रधानमंत्री जी के खिलाफ बहुत सी बुरी बातें कह दीं। यह मेरी पहली और आखिरी गलती थी। मैं पूरे देश से माफी मांगती हूं। मुझे इतनी शर्मिंदगी महसूस हो रही है कि मैं खुद से भी नजरें नहीं मिला पा रही हूं। कृपया मुझे माफ कर दीजिए।"एफआईआर और पुलिस कार्रवाई की स्थिति
इस मामले की शुरुआत नोएडा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई एक शिकायत से हुई थी। नोएडा पुलिस ने शिकायत के आधार पर शुरुआती 'जीरो एफआईआर' दर्ज की और बाद में मामले की अधिकार क्षेत्र से संबंधित जांच के लिए इसे नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन को सौंप दिया। पुलिस रिकॉर्ड और एफआईआर में नामजद लड़की की उम्र 25 वर्ष बताई गई है, जबकि वायरल वीडियो में उसने खुद को 15 वर्ष की नाबालिग बताया है। (नोट: हिंदुस्तान टाइम्स ने इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है)।