Abhishek Banerjee TMC Office Ransacked: कोलकाता में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के दफ्तर की सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लेकर कोलकाता पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। टीएमसी का आरोप है कि यह हमला सुनियोजित था। बीजेपी ने अभिषेक के सभी आरोपों को खारिज किया है।
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता दफ्तर में लूटपाट, बीजेपी पर आरोप
कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के कैमैक स्ट्रीट स्थित पार्टी कार्यालय में गुरुवार 3 सितंबर तड़के तोड़फोड़ और लूटपाट की घटना सामने आई। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि हथियारों से लैस BJP समर्थकों ने पार्टी कार्यालय पर हमला किया, वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट की, उनके मोबाइल फोन छीने और फर्नीचर तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
सुबह करीब 4:30 बजे दफ्तर में घुसने का आरोप
अभिषेक बनर्जी के मुताबिक, घटना गुरुवार सुबह करीब 4:30 बजे हुई। उस समय वह दिल्ली में थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर घटना के बाद के वीडियो और CCTV फुटेज साझा किए। फुटेज में कथित तौर पर हेलमेट और मास्क पहने कुछ लोग कार्यालय के अंदर दिखाई दे रहे हैं और टीवी स्क्रीन तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बाहर ले जाते नजर आ रहे हैं। एक अन्य वीडियो में कार्यालय के भीतर टूटा हुआ फर्नीचर, बिखरा सामान और क्षतिग्रस्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरण दिखाई देते हैं। अभिषेक ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने कार्यालय में मौजूद लोगों पर हमला किया, उनके फोन छीन लिए और कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की। उन्होंने इस घटना को “कानून के शासन पर शर्मनाक हमला” करार दिया।पुलिस पर भी लगाया गंभीर आरोप
TMC नेता ने कोलकाता पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पार्टी कार्यकर्ताओं और वकीलों ने बार-बार फोन और ईमेल के जरिए पुलिस को घटना की जानकारी दी, लेकिन करीब दो घंटे तक पुलिस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अभिषेक ने मांग की कि हमले में शामिल सभी लोगों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और यह पता लगाया जाए कि कथित हमले की योजना किसने बनाई, इसे किसने संगठित किया और इसके पीछे किसका निर्देश था। साथ ही उन्होंने पुलिस की कथित निष्क्रियता की भी जांच की मांग की।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सुबह साढ़े चार बजे हथियारबंद लोग किसी राजनीतिक दल के कार्यालय में घुसकर हमला और तोड़फोड़ कर सकते हैं और पुलिस समय पर नहीं पहुंचती, तो पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक व्यवस्था की स्थिति क्या रह जाती है।
TMC ने बताया सुनियोजित हमला
TMC की ओर से आरोप लगाया गया है कि यह हमला सुनियोजित था। पार्टी का दावा है कि हमलावरों को पता था कि अभिषेक बनर्जी शहर में मौजूद नहीं हैं। TMC IT सेल की प्रभारी उपासना चौधरी ने भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने सुरक्षा गार्डों के साथ मारपीट की और जबरन कार्यालय में प्रवेश किया। पार्टी ने कहा है कि CCTV फुटेज की मदद से हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है और उनकी जानकारी पुलिस को दी जाएगी।
BJP ने आरोपों को बताया ‘प्रायोजित’
BJP ने अभिषेक बनर्जी के आरोपों को खारिज करते हुए घटना में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। BJP विधायक सजल घोष ने दावा किया कि यह पूरा मामला TMC द्वारा खुद रचा गया है और BJP का इससे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि इतनी रात या सुबह के समय TMC के कार्यकर्ता कार्यालय में क्या कर रहे थे।बीजेपी सरकार पर दमन का आरोप
अभिषेक बनर्जी का यह कार्यालय पिछले कुछ दिनों से भी विवादों में रहा है। कोलकाता नगर निगम (KMC) के अधिकारियों ने कथित तौर पर अनधिकृत होर्डिंग हटाने के लिए कार्यालय वाले परिसर का दौरा किया था। इस दौरान विवाद के बाद कोलकाता पुलिस ने अभिषेक बनर्जी, TMC के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन और अन्य के खिलाफ कथित तौर पर नगर निगम अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने को लेकर FIR दर्ज की थी। इसके बाद दमकल विभाग की टीम ने भी कार्यालय का निरीक्षण किया था और वहां कुछ सुरक्षा संबंधी कमियां पाई थीं। ऐसे में ताजा तोड़फोड़ की घटना ने कैमैक स्ट्रीट स्थित इस कार्यालय को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है।
अभिषेक ने CM शुभेंदु अधिकारी से मांगा इस्तीफा
अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर भी सीधे निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि आखिर मुख्यमंत्री को TMC और उनसे इतनी परेशानी क्यों है कि कथित तौर पर इस तरह की धमकी और हिंसा का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के साथ हिंसा, तोड़फोड़ और डराने-धमकाने के जरिए व्यवहार किया जाता है तो मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। अभिषेक ने इस घटना को “राजनीतिक गुंडागर्दी” करार दिया।उन्होंने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय से भी कार्रवाई की मांग की तथा कलकत्ता हाईकोर्ट से मामले का संज्ञान लेने की अपील की। फिलहाल छह लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस जांच कर रही है। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि कैमैक स्ट्रीट स्थित TMC कार्यालय में हुई इस घटना के पीछे कौन लोग थे। BJP की संलिप्तता का आरोप अभी अभिषेक बनर्जी और TMC के दावे के रूप में है; BJP ने इसे पूरी तरह खारिज किया है।