माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और गेट्स फाउंडेशन के चेयरमैन बिल गेट्स आज गुरुवार 19 फरवरी 2026 को भारत AI इंपैक्ट समिट 2026 में अपना प्रस्तावित कीनोट एड्रेस नहीं देंगे। गेट्स फाउंडेशन ने गुरुवार सुबह आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। बिल गेट्स का नाम एपस्टीन फाइल्स में आया है और उसके बाद उनकी पत्नी मिलिंडा ने बिल गेट्स को तलाक दे दिया। एपस्टीन फाइल्स में बिल गेट्स का नाम और सारा मामला बहुत घृणित है। हालांकि वो आरोपों से इंकार कर चुके हैं लेकिन सारे दस्तावेज अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने जारी किए हैं तो उनके खंडन को कोई स्वीकार नहीं कर पा रहा है।

फाउंडेशन के अनुसार, "गहन विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया। इसकी यह वजह भी है कि उनका ध्यान अब समिट की प्रमुख प्राथमिकताओं पर केंद्रित रहेगा। इसलिए गेट्स अपना कीनोट एड्रेस नहीं देंगे।" फाउंडेशन की ओर से अफ्रीका और भारत में काम देख रहे अंकुर वोरा समिट में भाग लेंगे और अपना संबोधन देंगे।

फाउंडेशन ने आगे कहा, "गेट्स फाउंडेशन भारत में स्वास्थ्य और विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के अपने कार्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।" बताना जरूरी है कि भारत की कई सरकारी योजनाओं में बिल गेट्स की संस्था पार्टनर है। बिल गेट्स अक्सर प्रधानमंत्री मोदी से मिलते रहते हैं। बिल गेट्स विकसित और आत्मनिर्भर भारत के मोदी के विजन से बहुत प्रभावित हैं। मोदी भी बिल गेट्स के कल्याणकारी नेतृत्व की तारीफ कर चुके हैं। 

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यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब बिल गेट्स भारत दौरे पर हैं। उन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में आंध्र प्रदेश का दौरा किया, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उप-मुख्यमंत्री के. पवन कल्याण और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की तथा गेट्स फाउंडेशन द्वारा समर्थित कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान स्वास्थ्य, विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी।

गेट्स का संबोधन आज (19 फरवरी) निर्धारित था, लेकिन अब उनकी जगह अंकुर वोरा बोलेंगे। इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में गेट्स के समिट में भाग न लेने की खबरें आई थीं, जिन्हें फाउंडेशन ने खारिज किया था और उनकी उपस्थिति की पुष्टि की थी। हालांकि, अंतिम निर्णय ये है कि वे शामिल नहीं होंगे।

यह फैसला जेफरी एपस्टीन फाइल्स में गेट्स के नाम के उल्लेख से जुड़े विवाद के बीच आया है, जिसमें एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में गेट्स का जिक्र है। गेट्स के प्रवक्ता ने ऐसे दावों को "पूरी तरह झूठा और बेतुका" बताते हुए खारिज किया है, कहा कि ये एपस्टीन की गेट्स से संबंध बनाए रखने की असफल कोशिश और बदनामी की कोशिश दर्शाते हैं।

बिल गेट्स और एपस्टीन संबंध
बिल गेट्स और जेफरी एपस्टीन के बीच संबंध काफी विवादास्पद रहा है। खासकर 2026 में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी एपस्टीन फाइल्स (Epstein Files) के बाद सारी असलियत सामने आई। बिल गेट्स ने जेफरी एपस्टीन से पहली बार 2011 में मुलाकात की, जो एपस्टीन की 2008 में नाबालिग से यौन शोषण के मामले में सजा के बाद की थी। गेट्स ने कई बार (कम से कम 2011 से 2014 तक) एपस्टीन से मिलने की पुष्टि की है। ये मुलाकातें मुख्य रूप से न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर पर डिनर या मीटिंग्स के रूप में हुईं। गेट्स ने कहा कि उद्देश्य ग्लोबल हेल्थ और फिलैंथ्रोपी के लिए धन जुटाने के लिए कनेक्शन बनाना था।

एपस्टीन ने 2013 के कुछ ईमेल ड्राफ्ट्स (जो शायद गेट्स को भेजे गए या नहीं, यह स्पष्ट नहीं) में आरोप लगाए कि गेट्स ने "रूसी लड़कियों" के साथ सेक्स किया, जिससे उन्हें यौन संचारित रोग (STI) हुआ और एंटीबायोटिक्स दवाई ली गईं। एपस्टीन ने दावा किया कि गेट्स ने पत्नी मेलिंडा को गुप्त रूप से दवा देने की कोशिश की।

बिल गेट्स ने इन आरोपों को "पूरी तरह झूठा और बेतुका" बताया है। उन्होंने कहा कि एपस्टीन ने उन्हें बदनाम करने की कोशिश की क्योंकि उनका संबंध टूट गया था। गेट्स ने कई इंटरव्यू में कहा:"मैं हर मिनट पर पछताता हूँ जो मैंने उसके साथ बिताया। "यह मेरी बड़ी गलती थी।" गेट्स ने कहा कि वो कभी एपस्टीन के प्राइवेट आइलैंड पर नहीं गए, केवल डिनर और मीटिंग्स हुईं। कोई अवैध गतिविधि या यौन शोषण में शामिल होने का कोई सबूत नहीं है। हालांकि कोई इसे स्वीकार नहीं कर रहा है। कुछ वीडियो भी सामने आ चुके हैं।

  • मेलिंडा फ्रेंच गेट्स (जिनका 2021 में तलाक हुआ) ने कहा कि एपस्टीन से गेट्स के संबंध उनके विवाह में "दर्दनाक" कारण बने। उन्होंने कहा कि बिल को इन सवालों के जवाब देने चाहिए।

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एपस्टीन फाइल्स में केंद्रीय मंत्री हरदीप का भी नाम आया। कांग्रेस ने हरदीप पुरी को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं लेकिन अभी तक हरदीप पुरी ने इस्तीफा नहीं दिया है। लोग सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।